करनाल -:करनाल में बैसाखी पर्व के मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित “अन्नदाता बैसाखी मिलन समारोह” इस बार केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का मंच बन गया। कार्यक्रम में जहां एक तरफ लोक कलाकारों ने पंजाबी और हरियाणवी संस्कृति की शानदार प्रस्तुतियां दीं, वहीं दूसरी ओर किसानों के मुद्दों ने माहौल को गंभीर बना दिया।
समारोह का उद्देश्य सामाजिक भाईचारे को बढ़ावा देना और किसानों के योगदान का सम्मान करना था, लेकिन मंच से उठी आवाजों ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए।कार्यक्रम में पहुंचे सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मीडिया से बातचीत के दौरान गेहूं खरीद प्रक्रिया को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था किसानों के लिए जटिल बन गई है, जिससे उन्हें अपनी फसल बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर पूरी खरीद नहीं हो रही है और फसल खराबे पर उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा। इसके अलावा, नमी की शर्तों को भी किसानों के लिए बड़ी समस्या बताया। हुड्डा ने मांग की कि खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और किसानों को तुरंत भुगतान सुनिश्चित किया जाए।इस दौरान उन्होंने हाल ही में हुई बारिश को गेहूं के लिए फायदेमंद बताने वाले बयान पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि बारिश से फसल को नुकसान हुआ है और इसे लाभकारी बताना किसानों की परेशानियों को नजरअंदाज करना है। उन्होंने प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की।
विपक्ष के मंडियों में जाने को “टूरिज्म” बताने वाले
बयान पर भी उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष किसानों की समस्याओं को समझने के लिए मैदान में जाता है, जबकि सत्ता पक्ष को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन पर भी शोक व्यक्त किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।हालांकि कार्यक्रम में कई बड़े नेताओं के आने कीसंभावना जताई जा रही थी, लेकिन अंत में मंच पर मुख्य रूप से दीपेंद्र हुड्डा ही नजर आए।
