शिमला,संजू-:बीबीएमबी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भाजपा ने स्वागत किया है। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि यह फैसला हिमाचल प्रदेश के अधिकारों के पक्ष में आया है और इससे प्रदेश की लंबे समय से चली आ रही मांग को मजबूती मिली है।उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री इस फैसले का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं,जबकि हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई दशकों से लड़ी जा रही है।
पीटरहॉफ को PPP मोड पर देने के फैसले का भी किया विरोध
रणधीर शर्मा ने कहा कि बीबीएमबी में प्रदेश के हकों को लेकर पूर्व की सरकारों ने भी लगातार प्रयास किए हैं।वर्ष 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शांता कुमार ने हिमाचल के अधिकारों के लिए दिल्ली तक अधिकार यात्रा शुरू की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा प्रदेश के हितों और अधिकारों की पैरवी की है। ऐसे में मौजूदा मुख्यमंत्री द्वारा पूरे मामले का श्रेय लेने का प्रयास उचित नहीं है।भाजपा विधायक ने किशाऊ परियोजना का जिक्र करते हुए भी मुख्यमंत्री पर श्रेय लेने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के सामने तथ्यों के साथ बात रखनी चाहिए,न कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए ऐसे मुद्दों का इस्तेमाल करना चाहिए।वहीं, रणधीर शर्मा ने राज्य सरकार के पीटरहॉफ को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर देने के फैसले का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हिमाचल प्रदेश की बेशकीमती संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने में जुटी है।उन्होंने सवाल उठाया कि एक ओर सरकार प्रदेश के अधिकारों की बात करती है,वहीं दूसरी ओर सरकारी संपत्तियों को पीपीपी मोड पर देने के फैसले ले रही है।रणधीर शर्मा ने सरकार से पीटरहॉफ को पीपीपी मोड पर देने का निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और सरकारी संपत्तियों के संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
