Hamirpur, Arvind-:हमीरपुर जिले में साइबर अपराध के एक गंभीर और संवेदनशील मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने वर्ष 2022 की वीडियो कॉल ब्लैकमेलिंग की घटना में शामिल एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग से जुड़े इस मामले में आरोपियों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को निशाना बनाकर लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना दी और लाखों रुपये की ठगी की। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
16 लाख की उगाही का खुलासा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद इरफान (24) पुत्र मोहम्मद हसीब, निवासी बाराबंकी, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। आरोपी को शनिवार देर रात उत्तर प्रदेश में दबिश देकर पकड़ा गया, जिसके बाद उसे पूछताछ के लिए हमीरपुर लाया गया। यह मामला हमीरपुर सदर थाना क्षेत्र से संबंधित है, जहां पीड़ित बुजुर्ग ने लगातार ब्लैकमेलिंग और आर्थिक शोषण से परेशान होकर शिकायत दर्ज करवाई थी।जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने एक मोबाइल ऐप के जरिए पीड़ित से संपर्क साधा। शुरुआती बातचीत को सामान्य और भरोसेमंद बनाया गया, ताकि पीड़ित को झांसे में लिया जा सके। कुछ समय बाद उसे वीडियो कॉल के लिए उकसाया गया। वीडियो कॉल के दौरान सामने मौजूद युवती ने खुद को आपत्तिजनक अवस्था में दिखाया और उसी दौरान पूरी कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली गई। इसी रिकॉर्डिंग को बाद में ब्लैकमेलिंग का हथियार बनाया गया।
रिकॉर्डिंग के आधार पर पीड़ित को सामाजिक बदनामी और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। आरोपी बार-बार वीडियो को वायरल करने की बात कहकर पैसों की मांग करते रहे। डर और दबाव में आकर पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कई बार पैसे ट्रांसफर किए। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि इस पूरे प्रकरण में करीब 16 लाख रुपये की ठगी की गई। इसके बावजूद आरोपियों की मांगें खत्म नहीं हुईं और ब्लैकमेलिंग का सिलसिला लगातार चलता रहा।लगातार मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान से परेशान होकर अंततः पीड़ित ने हिम्मत जुटाई और हमीरपुर सदर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की। बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल ऐप्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
जांच के दौरान पुलिस को एक संगठित साइबर ब्लैकमेलिंग गिरोह के संकेत मिले। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर ऐसे लोगों की पहचान करते थे, जिनकी प्रोफाइल या डीपी में महिला की तस्वीर लगी होती थी। इसके बाद बातचीत बढ़ाकर वीडियो कॉल के लिए फंसाया जाता और रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेल किया जाता था।मामले की पुष्टि करते हुए हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2022 के इस साइबर ब्लैकमेलिंग मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि ताजा गिरफ्तार आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से गिरोह के अन्य सदस्यों, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
एसपी बलबीर सिंह ठाकुर ने आम जनता से अपील की कि सोशल मीडिया पर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल, वीडियो कॉल या फ्रेंड रिक्वेस्ट से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। पुलिस का मानना है कि सतर्कता और जागरूकता ही ऐसे साइबर अपराधों से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से की जा रही पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी जल्द पहुंच बनाई जा सकेगी और ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
