शाहपुर,राहुल चावला-:शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की बोह घाटी में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के बाद प्रशासन ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों को युद्ध स्तर पर तेज कर दिया है।प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है,जबकि भारतीय सेना भी राहत अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही है।सेना के जवान मलबे में दबे घरेलू सामान,पशुओं और अन्य मूल्यवान वस्तुओं को सुरक्षित बाहर निकालने में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।
जिला कांगड़ा के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) विनय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस आपदा में अब तक 19 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं, जबकि 9 गौशालाएं भी पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।नुकसान का शुरुआती अनुमान 20 से 25 करोड़ रुपये के बीच लगाया गया है। उन्होंने कहा कि विस्तृत सर्वेक्षण के बाद वास्तविक नुकसान का आंकड़ा सामने आएगा।प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां रहने, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक प्रभावित परिवार को तत्काल राहत के रूप में 5 हजार रुपये की फौरी सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 25 हजार रुपये तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। अब तक लगभग 17 लाख रुपये की राहत राशि प्रभावित परिवारों में वितरित की जा चुकी है।
एडीसी विनय कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना की सहायता ली गई है।सेना के जवान प्रशासन के साथ मिलकर मलबे में दबे सामान को सुरक्षित निकालने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को गति देने में जुटे हैं।प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराकर जल्द से जल्द सामान्य जनजीवन बहाल किया जाए। साथ ही राजस्व विभाग की टीमें नुकसान का विस्तृत आकलन करने में लगी हुई हैं,ताकि पात्र परिवारों को नियमानुसार अतिरिक्त राहत और पुनर्वास सहायता भी समय पर उपलब्ध कराई जा सके।
