शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में विभिन्न शिक्षक संगठनों के संयुक्त मोर्चे ने सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। मंगलवार को न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति विपिन चंद्र नेगी की डिवीजन बेंच ने मामले पर सुनवाई की।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव भूषण ने अदालत में दलील दी कि राज्य सरकार ने 134 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने का नीतिगत निर्णय लिया है, जिस पर शिक्षकों को आपत्ति नहीं है। हालांकि, इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए तय की गई नई चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। उनका कहना है कि आयोग के माध्यम से चयनित और वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को दोबारा परीक्षा प्रक्रिया से गुजरने के लिए बाध्य करना अनुचित है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक ओर सरकार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को कमतर बताकर स्कूलों का CBSE से संबद्धीकरण कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की चयन परीक्षा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को से ही आयोजित करवाई जा रही है। शिक्षकों का तर्क है कि केवल ऑब्जेक्टिव टाइप टेस्ट के आधार पर चयन करना उनके अनुभव और सेवा अवधि की अनदेखी है, जिससे मनोबल प्रभावित होगा।अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को 12 तारीख से पहले जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि चयन परीक्षा 22 तारीख को प्रस्तावित है, ऐसे में अगली सुनवाई से पहले सरकार का पक्ष स्पष्ट होना अहम माना जा रहा है।
