यमुनानगर के नगली 32 में नियमों की अवहेलना करते हुए A.N नाम से एक स्क्रीनिंग संयंत्र दिन में ही चल रहा था जिस पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने कार्रवाई की है। रणजीतपुर चौकी इंचार्ज, माइनिंग विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की तरफ से कार्रवाई के लिए माइनिंग विभाग को लिखित शिकायत दी गई है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने अ.वै.ध मा.इ.निं.ग कर रहे ख.न.न मा.फि.या पर शि.कं.जा कसा
यमुनानगर जिले के नगली 32 में सीएम फ्लाइंग की टीम ने एक बार फिर दस्तक दी। हर बार की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने अवैध मा.इ.निं.ग कर रहे खनन माफिया पर शिकंजा कसा है। सीएम फ्लाइंग की टीम जैसे ही नगली 32 के A.N स्क्रीनिंग प्लांट पर पहुंची तो स्क्रीनिंग प्लांट नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए दिन के उजाले में चलता मिला। जैसे ही मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम वहां पर पहुंची तो लोगों में ह.ड़.कं.प मच गया। ट्रक ड्राइवर ट्रैकों को छोड़कर मौके से फ.रा.र हो गए। इस दौरान एक जेसीबी भी ड्राइवर मौके से ले जाने में कामयाब हुआ। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते के इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि नगली 32 में A.N नाम से एक स्क्रीनिंग प्लांट नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए दिन में भी चल रहा है। हम मौके पर पहुंचे तो हमें वह चलता दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि दिलशाद नाम के एक व्यक्ति के नाम यह जमीन है और उसी का ही है ये स्क्रीनिंग प्लांट है। दिनेश शर्मा ने बताया कि एक महीने पहले भी इसी स्क्रीनिंग संयंत्र पर कार्रवाई की गई थी और प्र.दू.ष.ण विभाग की तरफ से इसे सील भी कर दिया गया था। बावजूद इसकी सील तोड़कर इसे दोबारा से फिर चलाया गया है। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते के इंस्पेक्टर ने कहा कि हमने मौके से चार ट्रक भी पकड़े हैं लेकिन मा.इ.निं.ग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। क्योंकि ट्रक ड्राइवर मौके से ट्रक छोड़कर फ.रा.र हो गए।

एक महीने पहले इस पर प्रदूषण विभाग की तरफ से कार्रवाई की गई थी- इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा
मुख्यमंत्री उड़ान दस्तक इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने एक बड़ी बात कही उन्होंने कहा कि एक महीने पहले इस पर प्रदूषण विभाग की तरफ से कार्रवाई की गई थी लेकिन माइनिंग विभाग की तरफ से एक महीना बीत जाने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया। ऐसे में सवाल माइनिंग विभाग पर उठाते हैं कि कार्रवाई में ढीलाई क्यों बरती गई। दूसरा और वाजिब सवाल यह है कि खनन विभाग अवैध माइनिंग को रोकने क्या सक्षम नहीं है। क्योंकि दिन के उजालों में ही स्क्रीनिंग प्लांट और स्टोन क्रेशर चल रहे हैं। क्या कार्रवाई तभी होगी जब मुख्यमंत्री उड़ान दस्ते की टीम ही कार्रवाई करेगी।

