शिमला-:शिमला में एनएचएआई के फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत निर्माणाधीन ट्विन टनल को लेकर संजौली,शांतिविहार,भट्टाकुफ़र, ढली और चलौंठी क्षेत्रों के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।प्रभावित परिवारों का आरोप है कि टनल निर्माण के चलते कई घरों में दरारें आने लगी हैं।लोगों को आशंका है कि यदि निर्माण कार्य इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में सैकड़ों मकानों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
नगर निगम शिमला पार्षद नरेंद्र ठाकुर और पूर्व मेयर नगर निगम शिमला संजय चौहान का कहना है कि वे शिमला के विकास और बेहतर सड़क सुविधाओं के विरोध में नहीं हैं,लेकिन विकास की कीमत लोगों के घरों और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाकर नहीं चुकाई जानी चाहिए।उनका आरोप है कि टनल निर्माण शुरू होने से पहले प्रभावित परिवारों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और निर्माण के संभावित प्रभावों को लेकर भी उन्हें भरोसे में नहीं लिया गया।
डेढ़ साल से घरों से बाहर रहने का दावा
मीडिया से बातचीत में प्रभावित परिवारों ने कहा कि निर्माण कार्य के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचने की स्थिति पैदा हुई है। प्रभावितों के अनुसार,उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिल पाया है।उनका दावा है कि करीब डेढ़ साल से कई परिवार अपने घरों से बाहर रहने को मजबूर हैं,जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने ट्विन टनल संघर्ष समिति का गठन किया है। समिति प्रभावित परिवारों की समस्याओं, उनकी मांगों और टनल निर्माण से जुड़े सुरक्षा पहलुओं को लगातार उठा रही है। समिति का कहना है कि निर्माण कार्य में लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और नुकसान की स्थिति में प्रभावितों को उचित राहत और मुआवजा मिलना चाहिए।
हाई पावर कमेटी के निरीक्षण से जगी उम्मीद
प्रभावित परिवारों ने बताया कि मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से संज्ञान लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी ने शिमला पहुंचकर एनएचएआई के प्रोजेक्ट का मौके पर निरीक्षण किया। कमेटी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के साथ स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और चिंताएं भी सुनीं।प्रभावितों के मुताबिक,हाई पावर कमेटी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की रिपोर्ट हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। कमेटी के निरीक्षण के बाद प्रभावित परिवारों को अपने घरों और जान-माल की सुरक्षा के साथ समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। ट्विन टनल संघर्ष समिति अब प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रभावितों की मांगों और पूरे मामले को विस्तार से मीडिया के सामने रखने की तैयारी में है।
