शिमला, संजु चौधरी ( TSN)- हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए आये समोसों की जांच पर सियासी घमासान जारी है। भाजपा इसको लेकर लगातार सरकार पर निशाना साध रही है। वही सूक्खु सरकार में सीपीएस संजय अवस्थी ने भाजपा पर पलटवार किया है और मुख्यमंत्री का इस प्रकरण से कोई लेना देना न होने की बात कही और भाजपा पर हिमाचल को बदनाम करने के आरोप लगाए है।
2 साल में नहीं लगा पाए एक भी भ्रष्टाचार का आरोप
संजय अवस्थी ने सोमवार को बाकायदा सचिवालय में इसको लेकर पत्रकार कर कहा कि कांग्रेस सरकार के 2 साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में व्यवस्था परिवर्तन से शुरू कर हिमाचल को स्वाभलम्ब बनाने की ओर मुख्यमंत्री प्रयासरत हैं लेकिन विपक्ष 2 वर्षों के कार्यकाल में जो भूमिका निभानी है उससे हिमाचल की लोकतांत्रिक परंपरा को आघात पहुंचा है। 2 वर्षों में भाजपा एक भी मुद्दा ढूंढ नहीं पाई। यह पहली सरकार है जिस सरकार के एक भी नेता पर दो सालों में कोई भी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं ।यह इस कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है जबकि भाजपा के कार्यकाल में जो वर्तमान में भाजपा के अध्यक्ष है उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और उन्हें अपने पद से त्यागपत्र भी देना पड़ा था। आज भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है और प्रदेश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं और हिमाचल प्रदेश के स्वच्छ पर्यावरण को दूषित करने का काम किया जा रहा है और हिमाचल को देशभर में शर्मसार होना पड़ रहा है। समोसा प्रकरण के साथ मुख्यमंत्री का नाम जोड़ा जा रहा है जबकि मुख्यमंत्री का इस घटना से कोई लेना देना नहीं है.यदि कोई घटना विभाग में होती है तो उस पर विभाग की कार्रवाई होती है लेकिन मुख्यमंत्री की लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा स्थाई सरकार को अस्थिर करने का काम कर रहे हैं।
जनमंच में खा गए 6 करोड़ के फुल्के
संजय अवस्थी ने कहा कि भाजपा अपने कार्यकाल को भूल गई है। भाजपा इन्वेस्टर मीट के नाम पर 19 करोड रुपए खर्च किए.यही नहीं जनमंच में 6 करोड़ के फुल्के खो गए और इसकी जांच तक नहीं हुई ओर प्रदेश पर आर्थिक बोझ डाला गया ।
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन को दी नसीहत
संजय अवस्थी ने राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन पर भी निशाना साधा ओर कहा कि उन्होंने अभी-अभी भगवा चोला पहना है. वह अपने को कांग्रेस का सलाहकार कहते रहे। उन्होंने कांग्रेस के नाम पर अपना वजूद बनाया ओर कांग्रेस को खोखला करने का काम कांग्रेस में रहकर किया। आज वह भारतीय जनता पार्टी में जाकर वहां पर भी वही कर रहे हैं उनका यह बयान देना मुख्यमंत्री की टिप्पणी करना हास्यप्रद है। उन्होंने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि जिनके घर शीशे के है वो दुसरो के घर पर पत्थर नही मारते।
