राहुल चावला,धर्मशाला-:कांगड़ा जिले में निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर प्रशासन ने नियम सख्त कर दिए हैं। अब 50 या इससे अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले सभी निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि यह व्यवस्था हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम-2026 के तहत लागू की गई है।
नए नियमों के अनुसार कोचिंग संस्थानों को विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त जगह,स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण, अग्नि सुरक्षा उपकरण तथा आपातकालीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव को देखते हुए काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध करवाना भी जरूरी होगा।पंजीकरण के लिए 50 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसकी वैधता तीन वर्ष रहेगी। इसके बाद 25 हजार रुपये शुल्क के साथ पंजीकरण का नवीनीकरण करवाया जा सकेगा।उपायुक्त ने कहा कि नियमों में कमी पाए जाने पर पहले सुधार का अवसर दिया जाएगा। तय समय में कमियां दूर नहीं करने पर पंजीकरण निलंबित करने के साथ जरूरत पड़ने पर संस्थान बंद करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। जिला स्तरीय समिति हर तीन माह में नियमों के पालन की समीक्षा करेगी।
