मंडी, धर्मवीर-:50 वर्ष पहले बने पंडोह डैम के निर्माण के दौरान बनाई गई डायवर्सन टनल अब बिजली उत्पादन के लिए इस्तेमाल में लाई जाएगी। प्रदेश सरकार ने इस डायवर्सन टनल के माध्यम से 10 मेगावॉट के पावर प्रोजेक्ट को लगाने की मंजूरी दे दी है।
आज प्रदेश मंत्रीमंडल की बैठक में इसे हरी झंडी दी गई। बता दें कि बीबीएमबी प्रबंधन ने दो वर्ष पहले प्रदेश सरकार को यह प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब जाकर मंजूरी मिली है। यह पावर प्रोजेक्ट पंडोह डैम से थोड़ा आगे लगेगा और इसमें उसी पानी का इस्तेमाल करके बिजली उत्पादन किया जाएगा जो पानी अभी ब्यास नदी में डैम से छोड़ा जाता है। क्योंकि अभी पंडोह डैम से सलापड़ में विद्युत उत्पादन के लिए टनल के माध्यम से बग्गी के लिए पानी भेजा जाता है। जो पानी शेष बच जाता है उसे सीधा ब्यास नदी में छोड़ दिया जाता है। लेकिन अब यह पानी सीधा ब्यास नदी में न छोड़कर पहले इससे बिजली बनाई जाएगी और फिर इसे ब्यास नदी में छोड़ा जाएगा। लंबे विचार-विमर्श के बाद बीबीएमबी ने इसका सारा प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा था, जिसे आज स्वीकृति मिल गई है।
बीबीएमबी द्वारा दो वर्ष पहले दिए गए प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने लगाई अपनी मुहर
इस परियोजना निर्माण को लेकर प्रदेश सरकार ने शर्त रखी है कि बीबीएमबी उपयोग में न लाई गई भूमि को राज्य सरकार को वापस करेगा। परियोजना से राज्य सरकार को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली तथा 5 प्रतिशत बिजली हिस्सेदारी के रूप में प्राप्त होगी। हालांकि अभी इस संदर्भ में प्रदेश सरकार और बीबीएमबी प्रबंधन के बीच कई विषयों पर चर्चा होनी है और उसके बाद ही इस योजना को अंतिम रूप मिल पाएगा। बीबीएमबी पंडोह के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता ई. चंद्रमणी शर्मा ने मंजूरी देने के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने बताया कि 10 मेगावॉट की इस परियोजना में 5-5 मेगावॉट की दो मशीनें लगेंगी जिनके माध्यम से बिजली उत्पादन होगा। अब इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए आगामी कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए बीबीएमबी प्रबंधन और समस्त अधिकारी व कर्मचारी बधाई के पात्र हैं जिनके प्रयासों से आज यह मंजूरी मिल पाई है।
