Shimla,2 May(TSN)–कोटखाई उपमंडल में आयोजित जिला स्तरीय महासू मेले के दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और क्षेत्रीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिमाचल के पारंपरिक मेले न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं,बल्कि सामाजिक एकता को भी मज़बूत करते हैं।
मंत्री ने स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना करते हुए बताया कि महासू,राथल और रामपुरी मेलों को जिला स्तर का दर्जा दिया गया है,जिससे इन्हें और मजबूती मिलेगी। उन्होंने पारंपरिक खेल “ठोडा” के संरक्षण के लिए शीला गांव के दल को ₹1 लाख और अन्य दलों को ₹11,000 व स्मृति चिन्ह प्रदान किए।इस अवसर पर छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए मंत्री ने भाग लेने वाले विद्यालयों को ₹11,000 की सम्मान राशि भेंट की।
शवाला गांव को सड़क से मिली नई पहचान
इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने ग्राम पंचायत महासू के शवाला गांव में नव निर्मित संपर्क मार्ग का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि यह सड़क स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग थी और अब यह बागवानी सहित कई क्षेत्रों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। क्षेत्र में ₹400 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण परियोजनाएं चल रही हैं, जिनसे ग्रामीण संपर्क और सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा।
