शिमला, समर न्यूज ब्यूरो -:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आगामी सेब सीजन को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) को मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब खरीद के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार शाम आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश के बागवानों, विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी खरीद सीजन शुरू होने से पहले सभी खरीद केंद्रों की सूची जारी कर दी जाए ताकि बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि किसानों को समय पर जानकारी, बेहतर सुविधाएं और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था उपलब्ध हो। इसके लिए एचपीएमसी को आधुनिक तकनीक के उपयोग के साथ अपनी कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 में एमआईएस के तहत हुई रिकॉर्ड सेब खरीद का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष एचपीएमसी ने लगभग 98,540 मीट्रिक टन सेब की खरीद की थी, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हिमफेड भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रहता था, लेकिन अब राज्य सरकार ने पूरी जिम्मेदारी एचपीएमसी को सौंप दी है और भविष्य में भी यही व्यवस्था जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने खरीद प्रक्रिया के पूर्ण डिजिटलीकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि अगले सीजन से खरीद से संबंधित पूरा डेटा ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भुगतान प्रक्रिया भी अधिक तेज और व्यवस्थित होगी।उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से बागवानों को अपनी उपज और भुगतान संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार बागवान हितैषी निर्णय ले रही है। यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू करने जैसे कदमों से किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य मिल रहा है। साथ ही सरकार ने एमआईएस के तहत लंबित भुगतान निपटाने के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि भी जारी की है, जिससे हजारों बागवानों को राहत मिली है।
बैठक में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
