Karnal, 13 January-:असंध थाना क्षेत्र में बुजुर्ग दंपति की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि हत्या किसी बाहरी लूटेरे ने नहीं, बल्कि मृतकों के पोते ने ही अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी। हत्या की वजह 15 लाख रुपये का कर्ज और पैतृक संपत्ति की लालच बताई जा रही है।
12 जनवरी की सुबह करीब 10 बजे दंपति की हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।सूचना पर एसएचओ असंध ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।मौके पर एसपी नरेंद्र बिजराणिया, एएसपी दीपिका अग्रवाल, डीएसपी गौरखपाल राणा सहित सीआईए और एफएसएल की टीमें पहुंचीं। जांच के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। शाम करीब 7 बजे दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
पोते पर गहराया शक, पूछताछ में उगला सच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीआईए-2 और असंध सीआईए को सौंपी गई। तकनीकी और जमीनी जांच के दौरान पुलिस को मृतक दंपति के पोते रविंद्र पर शक हुआ।रविवार शाम करीब 8 बजे रविंद्र को हिरासत में लिया गया। नशे की हालत में होने के कारण पूछताछ में समय लगा, लेकिन होश में आने के बाद उसने पूरे हत्याकांड की साजिश का खुलासा कर दिया।
कर्ज और प्रॉपर्टी बनी हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में रविंद्र ने बताया कि उसके परिवार पर 15 लाख रुपये का बैंक लोन था, जो दादा ने भर दिया था। दादा बार-बार पैसे लौटाने का दबाव बना रहा था, जिसे लेकर रविंद्र डर और लालच में आ गया। उसने सोचा कि दादा-दादी को रास्ते से हटाने पर न केवल कर्ज से छुटकारा मिलेगा, बल्कि संपत्ति पर भी कब्जा हो जाएगा। उसने वहां मंदिर बनाने और कबाड़ी का काम करने तक की योजना बना रखी थी।
दो साथियों को दिया लालच
रविंद्र ने कबूल किया कि वारदात को अंजाम देने के लिए उसने जयसिंहपुरा गांव के प्रदीप और गुलशन को शामिल किया। उन्हें लालच दिया गया कि दादा के कबाड़ी गोदाम से तांबा चोरी कर लेंगे और घटना को लूट का रूप दे देंगे। लालच में आकर दोनों आरोपी साजिश में शामिल हो गए।
रात के अंधेरे में की गई निर्मम हत्या
पुलिस के अनुसार वारदात की रात तीनों आरोपी दीवार फांदकर घर में दाखिल हुए। रात 11:47 बजे से 1:15 बजे के बीच दादा-दादी के मुंह पर टेप लगाकर गला दबाया गया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
पोते को पुकारती रही दादी, वही निकला कातिल
डीएसपी गौरखपाल राणा ने बताया कि वारदात के समय रविंद्र मंकी कैप पहने हुए था। दादी लगातार अपने पोते को पुकारती रही—“रविंद्र बचा लो…”, लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि हत्या करने वाला वही उसका पोता है। आरोपी घटना को लूट का रूप देना चाहता था, लेकिन पुलिस जांच में उसकी साजिश बेनकाब हो गई।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस हत्याकांड में परिवार का कोई अन्य सदस्य शामिल था या नहीं।
डीएसपी गौरखपाल राणा:
पूछताछ में आरोपी पोते ने स्वीकार किया है कि उसने संपत्ति और कर्ज से छुटकारा पाने के लिए अपने दादा-दादी की हत्या की योजना बनाई थी। दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, मामले की गहन जांच जारी है।
