करनाल-:अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। केंद्र सरकार की एडवाइजरी के बाद राज्यभर के सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। इसी क्रम में करनाल के सिविल अस्पताल में 10 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में एक वरिष्ठ चिकित्सक को नोडल अधिकारी नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही चिकित्सा स्टाफ को संक्रमण नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अस्पतालों को तैयारी पूरी रखने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को संभावित इबोला संक्रमण की पहचान, निगरानी और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। करनाल सिविल अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एक-दो दिनों के भीतर आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा।
अफ्रीका में बढ़े मामलों के बाद सतर्कता
हाल के महीनों में कांगो, युगांडा और आसपास के कुछ अफ्रीकी देशों में इबोला संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद कई देशों ने निगरानी बढ़ा दी है। इसी कड़ी में भारत में भी स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्कता बरत रही हैं और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
क्या है इबोला वायरस?
इबोला एक गंभीर और अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है, जिसकी पहली पहचान वर्ष 1976 में अफ्रीका में हुई थी। यह वायरस संक्रमित जानवरों से इंसानों में और संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क के माध्यम से अन्य लोगों में फैल सकता है। गंभीर मामलों में यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रमुख लक्षण
इबोला संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, दस्त और शरीर में दर्द शामिल हैं। संक्रमण बढ़ने पर आंतरिक एवं बाहरी रक्तस्राव जैसी गंभीर स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।
भारत में नहीं मिला कोई पुष्ट मामला
फिलहाल भारत में इबोला वायरस का कोई पुष्ट मामला दर्ज नहीं हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है और सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
विदेश यात्रा करने वालों को सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को प्रभावित देशों की गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है। विदेश से लौटने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच और निगरानी को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
