चंडीगढ़-:हरियाणा में अप्रैल महीने की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तीव्र रूप धारण कर लिया है। शनिवार को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह सामान्य से करीब 3.6 डिग्री अधिक पहुंच गया। मौसम में इस अचानक बदलाव का सीधा असर लोगों के दैनिक जीवन पर दिखाई देने लगा है। दिन के समय सड़कें अपेक्षाकृत खाली नजर आ रही हैं और लोग केवल अत्यावश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे राज्य में हीटवेव जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए।राज्य के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे गर्मी का असर और भी अधिक महसूस किया जा रहा है। रोहतक में सबसे अधिक 41.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके अलावा सिरसा में 41.4 डिग्री, नूंह में 41.3 डिग्री, महेंद्रगढ़ में 40.8 डिग्री और जींद में 40.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।अंबाला और करनाल में तापमान 40.4 डिग्री, गुरुग्राम में 40.1 डिग्री, जबकि पलवल और सोनीपत में लगभग 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि हरियाणा के अधिकांश जिले भीषण गर्मी की चपेट में आ चुके हैं।मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। साथ ही, आने वाले दिनों में गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी भी जारी की गई है।
