चंडीगढ़, 11 मार्च -:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद और कई विकास परियोजनाओं से जुड़े टेंडरों को मंजूरी दी गई। नेगोसिएशन के बाद सरकार को करोड़ों रुपये की बचत भी हुई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में कुल 15 एजेंडे प्रस्तुत किए गए, जिनकी अनुमानित लागत 675.82 करोड़ रुपये थी। बातचीत और नेगोसिएशन के बाद इन कार्यों को 657.82 करोड़ रुपये में मंजूरी दी गई, जिससे सरकार को लगभग 68 करोड़ रुपये की बचत हुई।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि सभी कार्य समय पर पूरे हो सकें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और टेंडर प्रक्रिया भी समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।बैठक में यमुनानगर और पानीपत थर्मल पावर प्लांट के लिए ऑटोमेटेड कोयला सप्लाई और रखरखाव से संबंधित प्रक्रिया को भी पूरा किया गया। इसके अलावा डीएचबीवीएनएल के लिए 220 केवी और 33/11 केवी बिजली ट्रांसफॉर्मर की खरीद को अंतिम रूप दिया गया।
गुरुग्राम में बसई जलघर से सेक्टर-25 तक रेलवे लाइन के नीचे से नई पाइपलाइन डालने के कार्य को भी मंजूरी दी गई, जिस पर लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन के लिए पाइपलाइन बिछाने के कार्य को भी स्वीकृति दी गई।
बैठक में गुरुग्राम में स्टॉर्म वाटर निकासी के लिए अशोक विहार से भीमगढ़ खेड़ी रेलवे कल्वर्ट तक आरसीसी मास्टर ड्रेन बनाने के कार्य को मंजूरी दी गई, जिस पर करीब 17.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फरीदाबाद में लगभग 41.84 करोड़ रुपये की लागत से 20 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के टेंडर को भी अंतिम रूप दिया गया।
इसके अलावा महेंद्रगढ़ के धनोदा, फरीदाबाद के नावदा और हिसार के किरोड़ी गांव में 400 केवी सब-स्टेशन स्थापित करने के कार्य को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं पर करीब 157 करोड़ रुपये की लागत आएगी। साथ ही बावल में बनने वाले न्यायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की गई, जिसकी लागत करीब 18 करोड़ रुपये होगी।
बैठक में अन्य विकास कार्यों और जरूरी खरीद प्रक्रियाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई।
