धर्मशाला, राहुल -:हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने धर्मशाला में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच हाल ही में सामने आए विवाद को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक हितों के कारण प्रदेश में कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी की जा रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कस्टडी को लेकर दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच जो टकराव सामने आया है, वह प्रदेश के इतिहास में अभूतपूर्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन कार्यकर्ताओं पर देश की छवि खराब करने का आरोप है, उन्हें बचाने के लिए राज्य सरकार अनावश्यक विवाद पैदा कर रही है। उनके अनुसार दिल्ली पुलिस अदालत के आदेशों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए हिमाचल प्रदेश पहुंची थी, लेकिन इसके बावजूद हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उनकी कार्रवाई में बाधा डाली।उन्होंने कहा कि जब किसी राज्य की सरकार राजनीतिक कारणों से एक पुलिस बल को दूसरे के खिलाफ खड़ा करती है तो इससे संवैधानिक व्यवस्था और कानून के शासन पर सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक संकेत नहीं देतीं और इससे प्रदेश की छवि भी प्रभावित होती है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन माफिया, नशा माफिया, ट्रांसफर माफिया और चिट्टा माफिया जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है, वे स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
सरकार ने 40 महीनों में जनता को दिए 40 ज़ख्म
आर्थिक मुद्दों को लेकर भी डॉ. बिंदल ने राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के लगभग 40 महीनों में जनता पर कई प्रकार के आर्थिक बोझ डाले हैं। उनके अनुसार सरकार का पहला बड़ा फैसला डीजल पर लगभग 7.50 रुपये वैट बढ़ाने का था, जिससे हर वर्ग प्रभावित हुआ। उन्होंने दावा किया कि पिछले 40 महीनों में विभिन्न करों और शुल्कों के माध्यम से लगभग 8000 करोड़ रुपये जनता से वसूले गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन दरों में वृद्धि की है, साथ ही बिजली और पानी के शुल्क तथा एचआरटीसी बस किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा कई अन्य सेवाओं और वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं।
वर्तमान सरकार की निजी स्कूलों के साथ मिलीभगत
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को नुकसान हो सकता है। उनका कहना था कि कई स्थानों पर जहां सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं, वहीं आसपास निजी स्कूल खुलते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार और निजी स्कूलों के बीच संभावित मिलीभगत का संकेत बताते हुए कहा कि इससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो सकती है।
डॉ. बिंदल ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने लगभग 40 से 45 महीनों के दौरान करीब 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा है। उनका कहना था कि वर्ष 2022 में जनता ने कांग्रेस को प्रदेश की स्थिति सुधारने के लिए जनादेश दिया था, लेकिन सरकार जनता को राहत देने के बजाय अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं में व्यस्त दिखाई दे रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि आज हालात ऐसे बन गए हैं कि सरकार स्वयं सड़कों पर उतरकर धरने और प्रदर्शनों की राजनीति कर रही है, जबकि जनता महंगाई और बढ़ते खर्चों से जूझ रही है।
