Hamirpur,Arvind singh(TSN)-हिमाचल प्रदेश के किसान अपने खेत खलियानों में औषधीय गुणों के भंडार अश्वगंधा की खेती करेंगे। राष्ट्रीय मेडिसिन प्लांट बोर्ड के अभियान के तहत राज्य मेडिसिन प्लांट बोर्ड अब तक एक लाख 10 हजार से अधिक पौधे वितरित कर चुका है। प्रदेश के लोगों को औषधीय गुणों से भरपूर अश्वगंधा के गुणों से अवगत करवाने के साथ ही इसकी खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों को घर द्वार पर पौधे उपलब्ध करवा रही है। प्रदेश के दस जिलों में अश्वगंधा के पौधों का वितरण किया गया है। हिमाचल प्रदेश के चार हर्बल गार्डन में से तीन हर्बल गार्डन ने अश्वगंधा के पौधों को उगाया है।नेरी हर्बल गार्डन के इंचार्ज डॉ कमल भारद्वाज ने बताया कि अश्वगंधा की पौध किसानों तक पहुंचाने के साथ ही इसके लाभों की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
हर्बल खेती को बढ़ा देने के दृष्टिगत चल रहा अभियान
उपोषण कटिबंधीय क्षेत्रों में पैदा होने वाला अश्वगंधा का यह पौधा आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों की आजीविका बदलने में मददगार साबित हो सकता है।अब तक वितरित किए गए एक लाख 10 हजार पौधों में से सबसे अधिक प्लांट्स जिला हमीरपुर स्थित नेरी हर्बल गार्डन से उपलब्ध करवाए गए हैं। नेरी हर्बल गार्डन के इंचार्ज डॉ कमल भारद्वाज ने बताया कि नेरी हर्बल गार्डन से 41 हजार के आस पास पौधे वितरित किए गए हैं.नेरी हर्बल गार्डन के इंचार्ज डॉ कमल भारद्वाज ने बताया कि राज्य मेडिसिन प्लांट बोर्ड की तरफ से प्रदेश के हर्बल गार्डन के माध्यम से किसानों को अश्वगंधा के पौधे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को दो लाख पौधे उपलब्ध करवाने का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक लगभग एक लाख 10 हजार पौधे उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। अगस्त 2025 तक लक्ष्य प्राप्ति संभावित है।
