करनाल-:हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने करनाल पहुंचकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था, खेल नीति, कर्मचारियों की हड़ताल और निवेश के मुद्दे पर जमकर निशाना साधा। हुड्डा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहा है और हत्या जैसी घटनाएं अब आम बात हो गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के लोगों को सुरक्षित माहौल देने में पूरी तरह विफल रही है।
कानून-व्यवस्था को बताया विकास की पहली शर्त
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि किसी भी प्रदेश के विकास के लिए सबसे जरूरी है कि वहां कानून-व्यवस्था मजबूत हो।जब नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेगा, तब तक प्रदेश का विकास संभव नहीं है।उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के सोशल प्रोग्रेसिव इंडेक्स में भी हरियाणा की कानून-व्यवस्था को लेकर स्थिति चिंताजनक दिखाई गई है।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हरियाणा को देने की मांग
हरियाणा के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है।उन्होंने मांग की कि वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हरियाणा को दी जानी चाहिए।हुड्डा ने कहा कि देश की आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब दो प्रतिशत है, लेकिन ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे बड़े खेल आयोजनों में प्रदेश के खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतते हैं।
‘खिलाड़ी किसी जाति का नहीं, देश का होता है’
खेल नीति को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए हुड्डा ने कहा कि खिलाड़ियों को जाति के आधार पर देखना गलत है।उन्होंने कहा कि खिलाड़ी किसी एक जाति का नहीं बल्कि पूरे देश का होता है और उसकी उपलब्धि पूरे देश के लिए गौरव की बात है।हुड्डा ने कांग्रेस सरकार की ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति का जिक्र करते हुए कहा कि इसी नीति के तहत क्रिकेट खिलाड़ी जोगिंदर शर्मा को डीएसपी बनाया गया था।इसके बाद पहलवान योगेश्वर दत्त समेत करीब 17 खिलाड़ियों को डीएसपी के पद दिए गए।उन्होंने कहा कि इस तरह की नीतियों से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
गांव और ब्लॉक स्तर पर तैयार हुई हरियाणा की खेल प्रतिभा
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने हरियाणा की खेल नीति को जमीनी स्तर पर मजबूत किया था। गांवों और ब्लॉक स्तर पर स्टेडियम बनाए गए,खिलाड़ियों को सुविधाएं दी गईं और उन्हें आर्थिक एवं संस्थागत प्रोत्साहन मिला। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा के खिलाड़ियों की सफलता उसी नीति का परिणाम है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी साधा निशाना
शिक्षा मंत्री के मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि यदि नैतिक आधार पर पहले ही इस्तीफा दे दिया जाता तो विवाद इतना नहीं बढ़ता और आंदोलन भी इतना बड़ा रूप नहीं लेता।
बातचीत से ही निकलता है हर समस्या का समाधान
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा बातचीत किए जाने के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा संवाद और बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का स्थायी समाधान बातचीत के माध्यम से ही निकाला जा सकता है।
सफाई और बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार को घेरा
नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और बिजली कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रही हड़ताल पर भी हुड्डा ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है।हुड्डा ने सरकार को “गूंगी-बहरी” और “नाकारा सरकार” बताते हुए कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल बातचीत करने की मांग की।
निवेश के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार पर हमला
हरियाणा में निवेश को लेकर हुड्डा ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश प्रति व्यक्ति निवेश के मामले में देश में नंबर एक पर था। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की स्थिति लगातार खराब हुई है और प्रदेश 18 राज्यों में 14वें स्थान तक पहुंच गया है। हुड्डा ने कहा कि सरकार के अपने आंकड़े ही प्रदेश की आर्थिक स्थिति में आए बदलाव की तस्वीर पेश कर रहे हैं।
कुलदीप शर्मा के बयान पर बोले—‘कुलदीप मेरा अजीज है’
कांग्रेस में आपसी मतभेद और कुलदीप शर्मा के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कि यदि हुड्डा पहले ही सभी को साथ लेकर चलते तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होती,भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि वह हमेशा सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं।हुड्डा ने कहा कि कुलदीप शर्मा उनके अजीज हैं और उनकी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
