दिल्ली, 17 मार्च -:केंद्र सरकार ने ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ मिशन के तहत शहरी क्षेत्रों में युवाओं, पहली बार घर खरीदने वालों और कामकाजी पेशेवरों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, देशभर में अब तक 1.25 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 13.67 लाख घर ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) 2.0’ के अंतर्गत स्वीकृत किए गए हैं। कुल स्वीकृत घरों में से 1.16 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि 97.30 लाख घर पूरे कर लिए गए हैं या लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
यह जानकारी केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने संसद में एक प्रश्न के उत्तर में दी। यह प्रश्न सांसद सतनाम सिंह संधू द्वारा उठाया गया था, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से शहरी युवाओं, पहली बार घर खरीदने वालों और कामकाजी पेशेवरों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी मांगी थी। उन्होंने यह भी पूछा कि सरकार युवाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए कौन-कौन से उपाय कर रही है, जिनमें किफायती आवास योजनाएं, ऋण सुविधा और किराये के आवास मॉडल शामिल हैं।अपने उत्तर में मंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘भूमि’ और ‘आवास’ राज्य सरकारों के विषय हैं, इसलिए आवास योजनाओं का कार्यान्वयन मुख्य रूप से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जाता है। हालांकि, केंद्र सरकार इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए वित्तीय और नीतिगत सहयोग प्रदान करती है। 25 जून 2015 से लागू प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत केंद्र सरकार शहरी गरीबों और पात्र लाभार्थियों को पक्के घर और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सहायता दे रही है।
मंत्री ने बताया कि योजना के कार्यान्वयन से प्राप्त अनुभवों के आधार पर इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 1 सितंबर 2024 से पीएमएवाई-यू 2.0 शुरू किया गया है। इस नई पहल के तहत अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ अतिरिक्त लाभार्थियों को किफायती दरों पर घर बनाने, खरीदने या किराये पर लेने में मदद दी जाएगी। यह योजना चार प्रमुख स्तंभों के माध्यम से लागू की जा रही है—लाभार्थी-नेतृत्व वाला निर्माण (बीएलसी), साझेदारी में किफायती आवास (एएचपी), किफायती किराया आवास (एआरएच) और ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस)।आईएसएस के तहत सरकार पात्र लाभार्थियों को बड़ी राहत दे रही है। जिन परिवारों की वार्षिक आय 9 लाख रुपये तक है, वे 25 लाख रुपये तक के हाउसिंग लोन पर 4 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं, बशर्ते कि घर की कीमत 35 लाख रुपये तक हो। इस सुविधा से विशेष रूप से युवाओं और कामकाजी पेशेवरों को अपना घर खरीदने में मदद मिल रही है।
सरकार ने किराये के आवास की आवश्यकता को भी ध्यान में रखा है। जुलाई 2020 में पीएमएवाई-यू के तहत ‘अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स’ (एआरएचसी) योजना शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य शहरी प्रवासियों, छात्रों और युवा पेशेवरों को किफायती किराये पर आवास उपलब्ध कराना था। इस योजना से मिले अनुभवों के आधार पर पीएमएवाई-यू 2.0 में किफायती किराया आवास को एक अलग स्तंभ के रूप में शामिल किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य रोजगार केंद्रों और कार्यस्थलों के पास आवास उपलब्ध कराना है, जिससे लोगों का यात्रा समय और खर्च कम हो सके। इससे न केवल उनकी उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। साथ ही, यह अधिक समावेशी और टिकाऊ शहरी समुदायों के निर्माण में भी सहायक होगा।
सांसद सतनाम सिंह संधू ने सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किया गया ‘सभी के लिए आवास’ का वादा अब साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि 2015 से अब तक 1.25 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी बताया कि शहरी आवास विकास को बढ़ावा देने के लिए कुल 8.74 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इसमें से केंद्र सरकार ने 2.09 लाख करोड़ रुपये की सहायता देने का वादा किया है।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि घरों के निर्माण और वितरण में सहायता के लिए राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित एजेंसियों को अब तक 1,77,179 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। यह राशि विभिन्न परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकार ने आवास को प्राथमिकता दी है। अब तक ग्रामीण इलाकों में 3.90 करोड़ घरों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 2.98 करोड़ घरों का निर्माण पूरा हो चुका है और उन्हें लाभार्थियों को सौंप दिया गया है। पीएमएवाई-ग्रामीण 2.0 के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘आवास सॉफ्ट’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से 4.02 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई है।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की आवास योजनाएं शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रभाव डाल रही हैं। विशेष रूप से युवाओं, पहली बार घर खरीदने वालों और कामकाजी पेशेवरों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई नीतियां उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत आगामी वर्षों में और अधिक लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे ‘सभी के लिए आवास’ का लक्ष्य और तेजी से हासिल किया जा सकेगा।
