शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून ने भारी तबाही मचाई है।प्रदेश के कई जिलों में बारिश,भूस्खलन और आपदा के कारण बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के अनुसार, मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में अब तक 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया गया है।नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की टीमें भी प्रदेश के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं।जगत सिंह नेगी ने बताया कि लाहौल-स्पीति,किन्नौर समेत अन्य प्रभावित इलाकों में बारिश के कारण सड़क,कृषि,बागवानी और अन्य क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है।केंद्र की टीमें धर्मशाला और मनाली सहित कई क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा ले रही हैं।राज्य सरकार की ओर से किए गए आकलन के साथ केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट के आधार पर आगे राहत और सहायता को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सेब उत्पादन में भारी गिरावट
मानसून की मार का असर हिमाचल के बागवानी क्षेत्र पर भी दिखाई दे रहा है।इस बार प्रदेश में सेब उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम रहने का अनुमान है। मंत्री जगत सिंह नेगी के मुताबिक, अब तक करीब 1.14 करोड़ सेब की पेटियां बाजार में पहुंच चुकी हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक लगभग 1.76 करोड़ पेटियां मंडियों में पहुंच गई थीं।सरकार के अनुसार पिछले वर्ष प्रदेश में करीब तीन से साढ़े तीन करोड़ पेटियों की रिकॉर्ड फसल हुई थी। इस वर्ष उत्पादन में कमी के कारण बागवानों को आर्थिक नुकसान की चिंता बनी हुई है। सीजन समाप्त होने तक कुल कितनी पेटियां मंडियों में पहुंचेंगी, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।बागवानों को राहत देने के लिए सरकार मंडी मध्यस्थता योजना यानी MIS के तहत खरीद मूल्य बढ़ाने की तैयारी में है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि MIS की दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद नई दरों को लागू करने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
चुनाव आयोग और SIR को लेकर नेगी का हमला
राजस्व मंत्री ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी को लेकर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की। जगत सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों की नियुक्ति और चुनावी प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठते रहे हैं।SIR यानी Special Intensive Revision प्रक्रिया को लेकर भी नेगी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है। नेगी ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया चल रही है।इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष और न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम निष्कर्ष अलग से महत्वपूर्ण होंगे। मंत्री ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मतदाता अधिकारों को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की।
किन्नौर कांग्रेस विवाद पर भी बोले नेगी
किन्नौर कांग्रेस में चल रहे आंतरिक विवाद को लेकर भी जगत सिंह नेगी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की ओर से अनुशासनहीनता को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नेगी ने कहा कि पार्टी का अनुशासन सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर समान रूप से लागू होना चाहिए।उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के एक कार्यकर्ता के तौर पर अपनी बात पार्टी फोरम में रखी है और संबंधित नेताओं के सामने भी अपनी बात रख चुके हैं। नेगी के अनुसार, जब पार्टी के अंदर की बातें सार्वजनिक होती हैं और मीडिया के माध्यम से उनसे सवाल किए जाते हैं,तो उन सवालों का जवाब देना भी जरूरी हो जाता है।नेगी ने राहुल गांधी के “स्लीपर सेल” वाले बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ऐसे लोगों की पहचान जरूरी है जो संगठन के हित में काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने “जयचंद” और “भगोड़े” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे लोगों से संगठन मजबूत नहीं हो सकता। उन्होंने कांग्रेस के संविधान और पार्टी के आदर्शों के अनुरूप संगठन को आगे बढ़ाने की बात कही।
कैबिनेट विस्तार पर सीएम का अधिकार
प्रदेश मंत्रिमंडल में संभावित विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर जगत सिंह नेगी ने कहा कि कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का विषय है।उन्होंने कहा कि कई बार मंत्रिमंडल में पद लंबे समय तक खाली भी रहते हैं। हालांकि, यदि विस्तार किया जाना है तो उसे समय रहते किया जाना चाहिए।फिलहाल राज्य सरकार के सामने मानसून से हुए नुकसान का आकलन,राहत एवं पुनर्वास, बागवानों को राहत और सेब सीजन को लेकर कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। आने वाली कैबिनेट बैठक में MIS दरों पर होने वाला फैसला बागवानों के लिए खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
