धर्मशाला, 17 फरवरी ( TSN)-पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पत्रकारवार्ता कर नशे के मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा.उन्होंने कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश में नशे के संपूर्ण नाश के लिए संजीदगी से काम करे,विपक्ष सरकार का हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस प्रकार से हिमाचल प्रदेश में नशे का आतंक फैल रहा है सरकार उसके उन्मूलन के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है।बीते तीन हफ्तों में ही नशे ओवरडोज चार युवाओं की मौत की खबरें अखबारों में प्रकाशित हो चुकी है।विधानसभा में सरकार ने सुक्खू सरकार के गठन से लेकर 31 जुलाई 2024 तक नशे के ओवरडोज 11 मौतों का आधिकारिक पुष्टि की है।
हिमाचल ड्रग फ्री एप मुख्यमंत्री सेवा संकल्प को सरकार ने बनाया पंगु
जयराम ठाकुर ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार के आने के साथ ही नशा निवारण समिति को निष्प्रभावी कर दिया गया। हिमाचल ड्रग फ्री एप और सीएम हेल्पलाइन द्वारा नशे के खिलाफ आम लोगों से मिल रही सुविधा का विकल्प बंद हो गया। वर्तमान में पुलिस के बहुत सारे लोगों के भी नशा कारोबारी से मिलने की खबरें सामने आई हैं, ऐसे में आम आदमी किस पुलिस पर भरोसा करके नशे के खिलाफ सूचना देकर अपनी जान आपात में डालना चाहेगा।आम लोगों द्वारा मिल रहे सटीक और निष्पक्ष सूचना के विकल्प बंद करके सरकार ने यह साफ कर दिया कि वह नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए कितना गंभीर है।
6 महीने से कौशल विकास के सारे प्रशिक्षण बंद
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा एक तरफ प्रदेश के लोगों को कोई नौकरी नहीं दी जा रही है दूसरी तरफ केंद्र सरकार द्वारा कौशल विकास के लिए चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम भी बंद कर दिए गए हैं। पिछले 6 महीने से कौशल विकास के सारे प्रशिक्षण बंद हैं। हमारी सरकार द्वारा पांच साल में एक लाख से ज्यादा युवाओं को कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित किया गया था,जिनमें से 20000 युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में उसी समय नौकरी भी मिली थी। इसके साथ ही युवाओं को नौकरी मांगने की वजह नौकरी देने वाला बनाने के लिए हमने स्वावलंबन योजना शुरू की जिसके तहत प्रदेश में लगभग 4500 व्यावसायिक इकाइयों की स्थापना हुई और हजारों की संख्या में लोगों को रोजगार मिला। इस योजना के तहत हमारी सरकार ने 200 करोड रुपए जारी किए थे। अफसोस है की यह योजना भी आज बंद है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई में ढुलमुल रवैया अपना रही है।प्रदेश के पूर्व विधायक और लोकसभा के प्रत्याशी आज प्रदेश के डीजीपी के खिलाफ दुनिया भर के आरोप लगा रहे हैं, उल्टी- सीधी बातें कर रहे हैं।पुलिस के दर्जनों जवानों पर नशे के कारोबारी के साथ मिली भगत के आरोप लगने की खबरें छप रही हैं। प्रदेश के लोगों में उहापोह की स्थिति है।इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी मुख्यमंत्री द्वारा अपनी पार्टी के नेता से एक भी सवाल नहीं पूछा गया कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा? पुलिस की छवि पर भी मुख्यमंत्री को स्थिति साफ करनी चाहिए।
HRTC की पेंशन नहीं आई तो इस्तीफा दे देंगे
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उप मुख्यमंत्री बिलासपुर के मंच से कहते हैं कि एचआरटीसी को लेकर विपक्ष अफवाह फैलाता है।अगर वह साबित कर दें कि एचआरटीसी की पेंशन नहीं आई तो इस्तीफा दे देंगे, लेकिन जब उपमुख्यमंत्री यह बात कह रहे थे तब भी एचआरटीसी की पेंशन नहीं आई थी, उसके पहले महीनें भी एचआरटीसी की पेंशन समय से नहीं आई थी और आज भी 17 फरवरी होने के बाद एचआरटीसी की पेंशन नहीं आई है।वह खुद तय करें कि उन्हें क्या करना है। लेकिन सुक्खू सरकार वर्तमान में हर मोर्चे पर फेल है, अराजकता के दौर से गुजर रही है। इस विभाग का बजट उस विभाग, इस मद का बजट उस मद में करके वेतन दे रही है। बड़ी-बड़ी बातें करने वाले मुख्यमंत्री को वित्तीय प्रबंधन की कोई जानकारी नहीं है.
