शिमला,संजू-:शिमला में आयोजित एक मीडिया संवाद कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि प्रदेश की मौजूदा स्थिति को देखकर स्पष्ट होता है कि सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में सफल नहीं रही है और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
नड्डा ने दावा किया कि हाल के चुनावी परिणामों से जनता के बीच भाजपा के प्रति बढ़ते समर्थन के संकेत मिले हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लगातार यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश की पर्याप्त सहायता नहीं कर रही,जबकि वास्तविकता इससे अलग है।नड्डा के अनुसार केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के माध्यम से राज्य को लगातार आर्थिक और संस्थागत सहयोग प्रदान किया है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश को विशेष महत्व देते हैं और राज्य के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।प्रदेश की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए नड्डा ने कहा कि सरकार कई मामलों में अस्थायी व्यवस्थाओं के सहारे चल रही है।उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि प्रदेश में निर्णय प्रक्रिया जटिल होती जा रही है और आम प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के भीतर समन्वय की कमी है,जिसके कारण विकास कार्यों की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रही है।
केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई गई आर्थिक सहायता का उल्लेख करते हुए नड्डा ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान विशेष सहायता योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को 2,381 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) के माध्यम से 2,006 करोड़ रुपये तथा बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 2,150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार राज्य के विकास और पुनर्निर्माण कार्यों में सक्रिय सहयोग दे रही है।बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में चल रहे कार्यों का जिक्र करते हुए नड्डा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम जारी है। रेलवे क्षेत्र के लिए भी रिकॉर्ड 2,911 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि 13,168 करोड़ रुपये की लागत वाली चार महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनसे प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना और वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार से भी प्रदेश के यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।इसके साथ ही आईआईएम सिरमौर,आईआईआईटी ऊना,स्मार्ट सिटी मिशन,रेणुका जी बांध, लुहरी जलविद्युत परियोजना,एम्स बिलासपुर और अन्य स्वास्थ्य एवं शिक्षा संस्थानों के विकास में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र पर बोलते हुए नड्डा ने कहा कि जाइका समर्थित 1,422 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत स्वीकृत कई परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है।उनके अनुसार 15 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों में से केवल एक का कार्य पूरा हुआ है,जबकि कई अन्य स्वास्थ्य ढांचा परियोजनाएं अभी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराए गए वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
