शिमल-:हिमाचल प्रदेश में मानसून के आगमन को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ने लगी है।पिछले वर्षों में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश को गंभीर नुकसान पहुंचाया था,जिसके चलते इस बार भी लोग मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर नजर बनाए हुए हैं।हालांकि राहत की बात यह है कि इस वर्ष मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार,मानसून 2026 के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। विभाग के अनुमान के मुताबिक पूरे मानसून सीजन में करीब 670 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा सकती है,जो औसत वर्षा से लगभग 10 प्रतिशत कम रहेगी।हालांकि मौसम की परिस्थितियां समय-समय पर बदल सकती हैं,इसलिए आगामी अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।गौरतलब है कि पिछले मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई थी।लंबे समय तक चली वर्षा के कारण कई जिलों में भूस्खलन,अचानक आई बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाएं सामने आई थीं।इन आपदाओं से सड़कें,पुल,मकान और कृषि भूमि प्रभावित हुई थी,जबकि करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था।मौसम विभाग का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में 25 जून तक हिमाचल प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाता है।मानसून की वास्तविक एंट्री और उसकी तीव्रता उत्तर भारत में उसकी प्रगति पर निर्भर करेगी।विभाग लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर आवश्यक जानकारी जारी करता रहेगा।हालांकि इस बार कम बारिश का अनुमान लगाया गया है,लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है।ऐसे में प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी संभावित आपदा या मौसम संबंधी चुनौती का समय रहते सामना किया जा सके।
