करनाल-:एशियन गेम्स में ईरान को हराकर भारत को कबड्डी में गोल्ड मेडल दिलाने वाले भारतीय कबड्डी टीम के कप्तान सुनील मलिक के करनाल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। गोल्ड मेडल जीतकर लौटे सुनील मलिक की एक झलक पाने के लिए खेल प्रेमियों और समर्थकों में खासा उत्साह नजर आया।
फाइनल में पिछड़ने के बाद भारत ने की शानदार वापसी
सुनील मलिक ने ईरान के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले को याद करते हुए बताया कि मैच की शुरुआत में ईरान ने बढ़त बना ली थी।हालांकि,ब्रेक के बाद भारतीय टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और जोरदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।खिलाड़ियों के सामूहिक प्रयास और आखिरी क्षण तक जीत के लिए जारी संघर्ष ने भारत को गोल्ड मेडल दिलाया।
कबड्डी में भारत का शानदार रिकॉर्ड
सुनील मलिक ने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय कबड्डी टीम का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने लगभग हर एशियन गेम्स में कबड्डी का गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।हरियाणा के खिलाड़ियों की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी लगातार देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
10-11 साल की उम्र में शुरू किया कबड्डी का सफर
सुनील मलिक ने बताया कि उन्होंने महज 10-11 साल की उम्र में कबड्डी खेलना शुरू किया था।शुरुआती दौर में कई मुश्किलों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा,लेकिन उन्होंने मेहनत और अनुशासन का रास्ता नहीं छोड़ा।लगातार अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण के चलते उन्होंने भारतीय टीम तक का सफर तय किया और कप्तान के तौर पर देश के लिए गोल्ड जीतने में अहम भूमिका निभाई।सुनील मलिक के मुताबिक एक खिलाड़ी के जीवन में चोट,असफलता और संघर्ष जैसी कई चुनौतियां आती हैं। लेकिन लक्ष्य बड़ा हो तो मुश्किलें छोटी लगने लगती हैं। उन्होंने कहा कि लगातार मेहनत करते रहना और हर मुकाबले में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की कोशिश ही सफलता की कुंजी है।
टीम,कोच और सरकार को दिया जीत का श्रेय
गोल्ड मेडल जीतने का श्रेय सुनील मलिक ने पूरी टीम,कोच और सरकार को दिया।उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में खिलाड़ियों के लिए रोजगार और सुविधाओं के और बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।सुनील मलिक ने कहा कि यह जीत सिर्फ एक मुकाबले की जीत नहीं है,बल्कि भारतीय कबड्डी खिलाड़ियों की मेहनत और टीम की एकजुटता का परिणाम है।उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय टीम आने वाले टूर्नामेंटों में भी पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगी और देश का तिरंगा ऊंचा रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी।
