जोधपुर (एकता): वैसे तो राजस्थान में देश की कई ऐतिहासिक विरासतें मौजूद हैं। यहां कई किले ऐसे हैं जो अपने अनोखे इतिहास से काफी प्रसिद्ध हैं। इनमें से खूबसूरत ‘मेहरानगढ़ किला’ है, जो राजस्थान के प्रसिद्ध किलों में से एक है। जोधपुर का यह फोर्ट भारत के सबसे पुराने किलों में से एक है। यह राजपूती शान का बेहतरीन उदाहरण माना जाता है। किले की वास्तुकला कई सैलानियों को आकर्षित करती है। मेहरानगढ़ किला जिसको मेहरान किले के रूप में भी जाना जाता है।

यहां कई हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्मों को किले में शूट किया गया है, जिसमें फिल्म ‘द डार्क नाइट राइजेस’, ‘द लायन किंग’ और ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ के नाम शामिल हैं। इसका इतिहास काफी दिलचस्प है, जो हमें उस समय में वापस ले जाता है जब 15वीं शताब्दी के दौरान राठौर शासक राव जोधा ने 1459 में जोधपुर की स्थापना की थी। आइए आज हम आपको इस किले के अनोखे इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं।

जोधपुर में 1459 में बनवाया गया था ये किला
इस किले को 1459 में राव जोधा द्वारा जोधपुर में बनवाया गया था। यह किला देश के सबसे बड़े किलों में से एक है। इस किले की खास बात यह है कि यह 410 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। यह विशाल दीवारों द्वारा संरक्षित है।

इसका प्रवेश द्वार एक पहाड़ी के ऊपर है जो बेहद शाही है। यह भारत के सबसे पुराने किलों में से एक है। इसका म्यूजियम राज्य के बेहतरीन और फेमस म्यूजियम में से एक है। इस फोर्ट की दीवार 10 किलोमीटर तक फैली है और दीवार की ऊंचाई 20 फीट से 120 फीट तक है। फोर्ट में 7 दरवाजे हैं, जिन्हें पोल कहा जाता है।

दूर-दूर से घूमने आते हैं सैलानी
मेहरानगढ़ म्यूजियम आज भी गवाह है, जिसमें राजा-महाराजाओं की पोशाकें और उनके हथि+यार रखे हैं। उनके रहन-सहन से जुड़ी चीजें आज भी यहां मौजूद हैं।

पैलेस बेहद ही खूबसूरत और शानदार है। उम्मेद भवन पैलेस के म्यूजियम और महाराजा का कॉन्फ्रेंस हॉल जिसे सोने की नक्काशी कर बनाया गया था।

इस किले को देखने के लिए दूर-दूर से कई सैलानी आते हैं। यहां हर कोई अपने परिवार, दोस्तों के साथ घूमने के लिए आते रहते हैं। विदेशी सैलानी यहां के किलों का इतिहास जानने के लिए आते रहते हैं। उनको यहां का इतिहास काफी पसंद है। वह अपने कैमरे में तस्वीरों को कैद करते हैं।

मेहरानगढ़ किले की कहानी क्या है?
‘किले’ का नाम मेहरानगढ़ रखा गया, जिसका अर्थ है ‘सूर्य का किला’ – जो सूर्य देवता सूर्य से कबीले के पौराणिक वंश का संदर्भ है। 500 गज से अधिक लंबी इसकी दीवार कहीं-कहीं 120 फीट की ऊंचाई तक उठती है। राव जोधा के उत्तराधिकारियों के लिए ये सुरक्षा आवश्यक थी, हालाੰकि हमेशा पर्याप्त नहीं थी।

मेहरानगढ़ क्यों प्रसिद्ध है?
मेहरानगढ़ किला जिसको ‘मेहरान किले’ के रूप में भी जाना जाता है। इस किले को 1459 में राव जोधा द्वारा जोधपुर में बनवाया गया था। यह किला देश के सबसे बड़े किलों में से एक है।

जानें किला किस पहाड़ी पर स्थित है?
यह भारत के राजस्थान के जोधपुर में स्थित है। यह अपनी प्रभावशाली वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है। जोधपुर किला चिड़ियाटूंक पहाड़ी पर स्थित है। इस किले की नींव 12 मई 1459 को रिद्धि बाई ने रखी थी।

