भारत में जानिए क्यों बैन है दुनिया की सबसे महंगी शॉल… वजह कर देगी हैरान

दिल्ली (एकता): पश्मीना शॉल न सिर्फ भारत में मशहूर है, बल्कि विदेशों में भी लोग इसे काफी पसंद करते हैं। जब कोई अच्छे शॉल की बात करते हैं तो हर किसी के मुंह पर सिर्फ पश्मीना का ही नाम आता है। यह बेहद खूबसूरत, मुलायम और गर्म भी होती है, जिसकी वजह से इसके दुनियाभर में लोग दीवाने भी हैं। इस शॉल की कीमत लाखों में होती है। वहीं दूसरी तरफ पश्मीना के अलावा आपने कभी शहतूश शॉल का नाम सुना है…यह भी दुनिया की सबसे महंगी शॉल है। जिसकी कीमत लाखों रुपए में हैं लेकिन आप ये शॉल भारत में नहीं खरीद सकते। क्योंकि यह भारत में बैन है। लेकिन इसके बनाने की प्रोसेस ऐसी है कि इसे अब भारत में बैन कर दिया गया है।


जानिए क्यों खास है शहतूश शॉल?

शहतूश शॉल की बात ही कुछ और है। खास बात यह है कि ये शॉल जान+वरों के बालों से तैयार की जाती है। इस शॉल को तैयार करना इतना आसान है। क्योंकि इसको तैयार करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। क्योंकि जिन जान#वरों से ये शॉल तैयार की जाती है वह बर्फीले पहाड़ जैसे तिब्बत और लद्दाख रिजन में पाए जाते हैं। इन चिरु के बालों से इसको बनाया जाता है। ये काफी गर्म भी होती है।


शॉल के महंगे होने के पीछे क्या है कारण?

पहली बात तो यह है कि ये किसी जानवर के बाल से तैयार की जाती है। जिसकी वजह से ये काफी महंगी भी होती है। चिरु काफी दुर्लभ जान#वर हैं और उनके बालों को इकट्ठा करना काफी कठिन होता है। कहते हैं कि एक शॉल बनाने के लिए 4-5 चिरू के बालों का इस्तेमाल होता है, जिस वजह से यह काफी महंगी भी होती है।

भारत में बैन क्यों है शहतूश?

भारत में इस शॉल को बैन करने के पीछे खास वजह है। दरअसल इसकी यहां बनाने की प्रक्रिया ठीक नहीं थी। क्योंकि एक शॉल को बनाने के लिए हर साल 4-5 चिरु की मौ+त होती थी। जिससे इसे दुर्लभ जान@वर माना जाने लगा। मौ#तों की वजह से इसको भारत में बैन कर दिया गया। गौरतलब है कि साल 1975 में IUCN द्वारा शहतूश शॉल को बैन कर दिया गया। अब इसकी बिक्री नहीं होती है। शॉल की रेट की बात करें तो ये 5000 डॉलर से लेकर 20 हजार डॉलर में भी बिकता था। इसे खरीदने के लिए आपको 10-15 लाख रुपए तक भी खर्च करने पड़ सकते हैं।

दुनिया का सबसे महंगा शॉल कौन सा है?

तिब्बती पठार पर जान$वरों के रगड़ने के लिए कोई झाड़ियां या पेड़ नहीं हैं। फर इकट्ठा करने के लिए मृ%ग को मारना पड़ता है। एक शॉल बनाने में चार या पांच चिरू लगते हैं। कच्चे माल की कमी के कारण ये शॉल महंगे होते हैं।

Ekta TSN

rahulkash03@gmail.com http://www.thesummernews.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

पतलीकूहल स्कूल में खीर खाने से 47 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, जांच के बाद होगी कार्रवाई

शिमला,संजू-:कुल्लू जिले के पतलीकूहल स्थित बाड़ी प्राइमरी स्कूल में मंगलवार को मिड-डे मील के दौरान खीर खाने के बाद करीब 47 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।खीर खाने के कुछ ही समय बाद कई बच्चों को उल्टियां और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने लगी। स्थिति को देखते हुए बच्चों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)...

हिमाचल में मानसून सक्रिय, 23 अगस्त के बाद बारिश में कमी के आसार

शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता फिलहाल बनी हुई है।प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश दर्ज की गई है।निचले मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में कई जगहों पर भारी बारिश हुई,जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।बिलासपुर,हमीरपुर और सोलन में सबसे अधिक बारिश हुई,जहां करीब...

कांग्रेस में ‘जयचंद’ और ‘स्लीपर सेल’ हावी: अपनी ही पार्टी पर क्यूं बरसे राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी

शिमला,संजू-:राजीव भवन शिमला में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदिवासी/अनुसूचित जनजाति विभाग के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति उस समय गरमा गई, जब राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने संगठन के भीतर चल रही कथित गुटबाजी और नियुक्तियों को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की। कार्यक्रम में लाहुल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा...

कांग्रेस की गुटबाजी फिर उजागर, ठियोग विवाद से 2027 की टिकट जंग के संकेत : भाजपा

शिमला-:भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने हिमाचल कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस आज एकजुट राजनीतिक दल के बजाय अलग-अलग गुटों में बंटी हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं का ध्यान जनता की समस्याओं से अधिक आपसी राजनीतिक वर्चस्व और आगामी विधानसभा चुनाव...

हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से, 10 बैठकों में उठेंगे जनता से जुड़े 1036 सवाल

शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होगा और 3 सितंबर तक चलेगा।सत्र के दौरान कुल 10 बैठकें आयोजित की जाएंगी।विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि मानसून सत्र के लिए विधायकों की ओर से कुल 1036 सवाल प्राप्त हुए हैं।इनमें 787 तारांकित और 249 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं।सभी...

NE

News Elementor

We bring you fast, clear, and credible news that cuts through the noise. From breaking headlines to stories that matter, count on us for smart, engaging coverage every day.

Stay informed. Stay curious. Stay with The Summer News.

Popular Categories

Must Read

Copyright © 2025 Summer News Network Pvt. Ltd.