Shimla, Sanju-शिमला के प्रसिद्ध जाखू मंदिर में जल्द ही जीर्णोद्धार कार्य शुरू होने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। मंदिर के जीर्णोद्धार की अनुमानित लागत 5 करोड़ 67 लाख 14 हजार 944 रूपये है। अब यह प्रस्ताव नगर निगम शिमला के माध्यम से मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया कि मंदिर न्यास अपने संसाधनों से इस खर्च का वहन करेगा। पिछले कुछ वर्षों में मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही है, और वर्तमान व्यवस्थाओं के कारण न्यास को कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि मंदिर परिसर में कई निर्माण और सुधार कार्य किए जाएंगे। इनमें यज्ञशाला, शू हाउस, भंडारा भवन, हनुमान जी की प्रतिमा के आगे का विस्तार, पार्क का जीर्णोद्धार, मंदिर कार्यालय का नवीनीकरण, कीर्तन भवन में रेलिंग का निर्माण और सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत शामिल हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर में छह नई दुकानें और बच्चों के लिए पार्क भी बनाए जाएंगे।
यज्ञशाला का निर्माण
मंदिर परिसर में एक नई यज्ञशाला बनेगी। यह मंडप आधार पर बनाई जाएगी, जिसमें 16 पिलर, 32 रूफ सपोर्टिंग कॉल, गंडूक, वेदी, तोरन, ध्वज और पताका होंगे। निर्माण कार्य पूरी तरह से हिंदू पारंपरिक शैली में होगा।
शू हाउस
नए शू हाउस का निर्माण भी प्रस्तावित है। 22.41 वर्ग मीटर क्षेत्र में बने इस शू हाउस में काउंटर और शू रैक होंगे। श्रद्धालुओं को यहां टोकन सुविधा भी उपलब्ध होगी।
पार्किंग सुविधा
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की पार्किंग समस्या को ध्यान में रखते हुए नई पार्किंग का निर्माण होगा। इसका अनुमानित खर्च करीब 40 लाख रुपये है।
मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
मंदिर के पुजारी बी. पी. शर्मा ने बताया कि जाखू मंदिर का इतिहास रामायण से जुड़ा है। हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने के दौरान इस स्थान पर रुके थे और यहीं पर उन्होंने यक्ष ऋषि से मार्गदर्शन प्राप्त किया था।मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त होगा।
