शिमला/संजू -:हिमाचल प्रदेश सरकार ने युवाओं,कर्मचारियों और विभिन्न वर्गों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों में 7,500 से अधिक रिक्त पद भरने को मंजूरी दी गई।इसके साथ ही पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों को आयु सीमा में एक वर्ष की विशेष छूट देने,आशा वर्करों और नंबरदारों का मानदेय बढ़ाने तथा सीबीएसई स्कूलों में मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती करने जैसे अहम निर्णय लिए गए।
कैबिनेट बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि सरकार ने शिक्षा,स्वास्थ्य,पुलिस और पंचायती राज सहित कई विभागों में लंबे समय से रिक्त पदों को भरने का फैसला किया है। शिक्षा विभाग में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के लिए 3,950 चौकीदार और मल्टी टास्क वर्कर के पद तथा 200 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरियन) के पदों पर भर्ती होगी। स्वास्थ्य विभाग में 280 तकनीकी सहायक (टेक्निकल असिस्टेंट) नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा जिला नूरपुर पुलिस के लिए 102 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इन सभी पदों पर भर्ती हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) और राज्य चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी।राज्य सरकार ने सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को भी राहत दी है। कैबिनेट ने बजट घोषणाओं को लागू करते हुए आशा वर्करों का मासिक मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये और नंबरदारों का मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है।वहीं पीजी डॉक्टरों का मासिक स्टाइपेंड 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 65 हजार रुपये कर दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से हमीरपुर में एम्स स्तर का आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित करने और आईजीएमसी शिमला में रेडियोथेरेपी की 30 नई सीटें शुरू करने को भी मंजूरी दी गई है। मछुआरों के लिए नाव और जाल की खरीद पर 70 से 90 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा बंद सीजन के दौरान 3,000 रुपये सम्मान निधि देने का भी फैसला लिया गया।कैबिनेट ने न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए चार जिलों में नई लोक अदालतों की स्थापना को मंजूरी दी। वहीं सीबीएसई पैटर्न वाले सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती कैबिनेट सब-कमेटी की सिफारिशों के अनुसार पूरी तरह मेरिट के आधार पर की जाएगी। बैठक में विधानसभा के आगामी मानसून सत्र पर भी अनौपचारिक चर्चा हुई,जिसके बाद इसे 15 अगस्त के बाद आयोजित करने पर सहमति बनी।इसके अलावा एमआईएस योजना के तहत सी-ग्रेड सेब की खरीद को मंजूरी दी गई,हालांकि इस बार समर्थन मूल्य में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।सरकार का कहना है कि इन फैसलों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे,स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को मजबूती मिलेगी तथा विभिन्न वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।
