शिमला,संजू– हिमाचल प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अब इसका असर पूरे प्रदेश में साफ दिखाई देने लगा है।राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।विशेष रूप से 2 और 3 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार इस वर्ष मानसून अपने निर्धारित समय से लगभग पांच दिन की देरी से प्रदेश में पहुंचा, लेकिन अब इसके तेजी से सक्रिय होने के कारण आगामी पांच से सात दिनों तक लगातार बारिश की संभावना है।मौसम विभाग ने मौसम की स्थिति को देखते हुए शिमला,मंडी,कांगड़ा,सिरमौर और कुल्लू जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है,जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और सोलन जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई,जबकि कांगड़ा जिले के कई इलाकों में भारी वर्षा हुई। कुछ स्थानों पर करीब 10 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है।मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 2 और 3 जुलाई को प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।उन्होंने कहा कि जून महीने में प्रदेश में सामान्य से करीब 22 प्रतिशत कम वर्षा हुई है,जबकि जुलाई में भी कुल बारिश सामान्य से थोड़ी कम रहने का अनुमान है। हालांकि,पूरे महीने के दौरान बीच-बीच में भारी और अत्यधिक भारी बारिश के स्पेल आते रहेंगे।
विभाग का कहना है कि इस मानसून सीजन में कुल वर्षा सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत तक कम रह सकती है,लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि भारी बारिश नहीं होगी। कई क्षेत्रों में अल्प अवधि के दौरान तेज बारिश देखने को मिल सकती है,जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी।लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मडस्लाइड का खतरा भी बढ़ गया है।मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें। प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
