शिमला, 6 अगस्त : नेता प्रतिपक्ष ने सरकार द्वारा डिपुओं में मिलने वाले सरसों के तेल के दाम बढ़ाने पर सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार के किसी भी फ़ैसले से प्रदेश की जनता को कोई राहत नहीं मिल रही है। प्रदेश में ऐसी सरकार पहली बार आई है जिसका हर फ़ैसला सरकार के लिए आफ़त बनता है। कभी डीज़ल के दाम तो कभी बिजली-पानी के दाम बढ़ाकर सरकार प्रदेश के लोगों को महंगाई के मुंह में झोंकती है तो कभी सीमेंट, स्टील और गृह निर्माण में आने वाली चीजों के दाम बढ़ाकर। अब सरकार ने सरसों के तेल के दाम में दस परसेंट से ज़्यादा की वृद्धि कर दी है। आपदा से जूझ रहे प्रदेशवासियों के लिए यह फ़ैसला परेशान करने वाला है। सरकार को इस तरह के जनविरोधी फ़ैसलों से बाज आना होगा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि डिपुओं में मिलने वाले तेल की क़ीमतें बढ़ाने का असर लाखों लोगों पर पड़ेगा। इसी तरह सरकार द्वारा हिम केयर जैसी योजना को निजी अस्पतालों में बंद कर दिया गया है। प्रदेश भर में लोग परेशान हो रहे हैं, इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर ही उन्हें निर्भर होना पड़ रहा है। सिर्फ़ सरकारी अस्पताल में इलाज होने की वजह से अब वेटिंग का समय बढ़ रहा है। जिससे अनावश्यक देरी हो रही है। इलाज में देरी जोखिम भरी होती है। सरकार इस बात को न जाने क्यों समझना नहीं चाहती है। इसी तरह प्रदेश वासियों को मिलने वाली फ्री बिजली को भी बंद करने की तरकीबें निकाल रही है, जिससे इस योजना को बंद किया जा सके। सरकार का काम जनहित की योजनाएं चलाना है न कि चल रही योजनाओं को बंद करना या उन्हें जटिल बनना।
सरकार सुनिश्चित करे कि आपदा प्रभावितों को न होने पाए कोई परेशानी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश भर में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी है। बारिश की वजह से नुक़सान न हो इस दिशा में काम करना चाहिए। हर स्तर पर सतर्कता बरती जानी चाहिए। पहली बारिश में ही भारी नुक़सान हुआ। बड़ी संख्या में लोगों के घर नष्ट हो गये या रहने लायक़ नहीं बचे। बहुत घर ख़तरे के दायरे में भी आए हैं। ऐसे लोगों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रभावितों को किसी प्रकार की समस्या न हो, सरकार यह सुनिश्चित करे।
