भावना,सोनीपत(TSN): केमिकल युक्त खेती से दूर होकर प्राकृतिक तरीके से खेती कर बेहतरीन अनाज उगाने की दिशा में सोनीपत जिला में कार्य किया जा रहा हैं। प्राकृतिक खेती प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने की कवायद में जुटे कृषि विभाग ने अपने 100 अधिकारी व कर्मचारियों को किसान अलॉट कर दिए हैं। कृषि उपनिदेशक कार्यालय में हुई अहम बैठक में सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को पूरे प्रोजेक्ट की रुपरेखा समझाते हुए संबंधित किसानों के पास पहुंचकर अपना काम शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अत्याधिक रासायनिक खादों, दवाइयों के छिडक़ाव की वजह से फसलों की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही हैं। ऐसे में यह प्रयास किया जा रहा हैं कि किसान प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़े और बेहतरीन गुणवत्ता का अनाज उगाए। आज रसायन बीजों का प्रयोग करने से वातावरण और लोगों की सेहत पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा हैं। ऐसे में कृषि विभाग अपने ड्रीम प्रोजेक्ट प्राकृतिक खेती को सफल बनाने की कवायद में जुट गया हैं। विभाग ने इस बार रबी सीजन में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की सहायता के लिए खुद के अधिकारी व कर्मचारी नियुक्त करने का फैसला किया है, ताकि किसान को प्राकृतिक खेती करने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो।
सोनीपत जिले में प्राकृतिक खेती पद्धति को अपनाने वाले किसानों को कृषि विभाग की तरफ से विभिन्न प्रकार की सब्सिडी भी मुहैया करवाई जा रही हैं। अब तक जहरमुक्त खेती के लिए जिले के 494 किसानों ने खुद को कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत किया हैं। इनमें से 14 किसानों की ओर से देसी गाय भी सब्सिडी पर खरीद ली गई हैं। विभाग की तरफ से ड्रम भी किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध करवाएं जा रहे हैं। कृषि विभाग ने प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम 50 एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती शुरू करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया हैं। रबी सीजन में कृषि विभगा ने 474 एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती शुरू करने की रुपरेखा तैयार की हैं।
बता दें कि प्राकृतिक खेती को सफल बनाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी संबंधित किसान के साथ मिलकर काम करेंगे। कृषि अधिकारी व कर्मचारी प्रत्येक किसान का खेत के हिसाब से एक रजिस्टर भी तैयार करेंगे। जिसके तहत उन गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा, जोकि किसान के खेत में किसान के साथ मिलकर की गई हैं। सबसे पहले बुधवार को प्राकृतिक गोल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी। इसके अतिरिक्त रजिस्टर में किस समय पर कितने दिनों के बाद फसल में पानी दिया गया आदि जानकारी दर्ज होगी। उत्पादन से लेकर लागत तक का हिसाब दर्ज किया जाएगा।
कृषि उपनिदेशक, सोनीपत डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि रबी सीजन में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए गए हैं। मंगलवार को बैठक करके कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के साथ अटैच कर दिया गया हैं। बुधवार से किसान के साथ मिलकर प्राकृतिक खेती का काम शुरू कर दिया गया हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी में प्राकृतिक खेती करने वाले किसान को सही मार्गदर्शन के साथ-साथ ट्रेनिंग भी मिल जाएगी। रबी सीजन के लिए 474 एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया हैं।
