8 July,2025-हिमाचल प्रदेश के सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग गांव में रविवार रात प्रकृति ने कहर बरपाया।देर रात लगभग 11:30 बजे एक मामूली सा नाला अचानक उफान पर आ गया और उसने पूरे गांव में तबाही मचा दी।इस आपदा में गांव के 5 मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए जबकि कई अन्य घर रहने लायक नहीं बचे। प्रभावित परिवारों को अब राहत शिविरों और रिश्तेदारों के घरों में शरण लेनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार,नाले के साथ आए मलबे,भारी पत्थरों और पेड़ों ने घरों की दूसरी मंजिल तक सब कुछ भर दिया है।घटनास्थल की तस्वीरें और मलबे का स्वरूप इस आपदा की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
“सपने मलबे में दब गए — पीड़ितों की आपबीती
नंदा कुमारी, जो इस क्षेत्र में वर्षों से रह रही थीं, ने बताया,”छोटा सा नाला अचानक बाढ़ बन गया। हमने जैसे-तैसे जान बचाई। अब घर, सामान—कुछ नहीं बचा।”
कांता देवी ने भावुक होते हुए कहा,”सारी जिंदगी की मेहनत इस घर में लगा दी थी। सबकुछ मलबे में दब चुका है। अब सिर छुपाने के लिए जगह भी नहीं बची।”स्थानीय निवासी जमना देवी ने बताया कि इस आपदा ने कम से कम 5 परिवारों को बेघर कर दिया है।उनके अनुसार यह नाला कभी छोटा था, लेकिन अब इसकी चौड़ाई और बहाव किसी खड्ड जैसा हो गया है। उनके पति गंभीर रूप से बीमार हैं और सड़क मार्ग खुलने के बाद ही उन्हें इलाज के लिए जालंधर ले जाया गया।
स्थायी पुनर्वास की मांग
प्रभावित परिवारों ने सरकार से अपील की है कि उन्हें सुरक्षित और स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए,ताकि भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव हो सके।उनका कहना है कि असुरक्षित इलाकों में दोबारा बसाए जाने से त्रासदी की पुनरावृत्ति हो सकती है।
