मंडी, धर्मवीर-:न कोई फोन कॉल आई, न किसी को ओटीपी दिया और न ही किसी से अपने बैंक अकाउंट की डिटेल सांझा की, फिर भी खाते से 1 लाख 35 हजार की धनराशि गायब हो गई। बैंक पहुंचने पर जब खाते में मात्र 18 रूपए शेष देखे तो पैरों तले जमीन खिसक गई और सर पर आसमान फट कर गिर पड़ा। यह दर्दभरी कहानी है सुंदरनगर शहर के भोजपुर बाजार में चाय की दुकान चलाने वाले हनुमंत पवार की। दिन भर चाय बेचकर अपनी आजीविका कमाने वाले हनुमंत पवार के साथ साइबर ठगों ने ऐसी ठगी की कि उसकी मेहनत की जमापूंजी पर से ही हाथ साफ कर गए।
पीड़ित हनुमंत ने बताया कि यह पूरी रकम उसने दिन-रात मेहनत करके चाय की दुकान से कमाई थी, जिसे कुछ ही समय में शातिर ठगों ने साफ कर दिया। पीड़ित के अनुसार न तो उसके मोबाइल पर कोई ओटीपी आया और न ही उसने किसी को बैंक से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा की थी। इसके बावजूद खाते से 7 से 9 फरवरी के बीच लगातार कई ट्रांजैक्शन होते रहे और पूरी राशि निकाल ली गई। घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल सुंदरनगर पुलिस और संबंधित बैंक शाखा को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में पीड़ित ने मांग की है कि उसकी मेहनत की कमाई को जल्द से जल्द वापिस दिलाया जाए और दोषियों को पकड़कर उनकके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पीड़ित हनुमंत पवार का कहना है कि छोटे दुकानदार पहले ही महंगाई से जूझ रहे हैं। ऐसे में इस तरह की साइबर ठगी उनकी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह तोड़ देती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को राहत दी जाए।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच पड़ताल
डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की मदद से ट्रांजैक्शन डिटेल्स खंगाली जा रही हैं और ठगों तक पहुंचने के
