शिमला:हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून सामान्य गति से सक्रिय रहने की संभावना है,लेकिन 27 जुलाई से एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार 23 से 26 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 27 जुलाई से कई इलाकों में अत्यधिक वर्षा की संभावना के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।बिलासपुर में सबसे अधिक लगभग 56 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई,जबकि मनाली और नाहन में करीब 30-30 मिलीमीटर बारिश हुई।बुधवार सुबह से शिमला,सोलन,बिलासपुर,कांगड़ा,चंबा और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहे तथा कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहा।मौसम विभाग का कहना है कि 26 जुलाई तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा।इस दौरान ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी सहित कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं 24 से 26 जुलाई के बीच चंबा, कुल्लू,शिमला,मंडी और कांगड़ा समेत पर्वतीय क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है। मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर सक्रिय रहने के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी।हालांकि,27 जुलाई से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग ने 27 से 29 जुलाई के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है।इसी को देखते हुए 27 जुलाई के लिए कांगड़ा, मंडी और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन,अचानक बाढ़ और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा भी बना रह सकता है।
बारिश की वजह से प्रदेश के अधिकतम तापमान में पिछले दिनों चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 जुलाई तक तापमान सामान्य बना रहेगा, लेकिन 27 जुलाई से तेज बारिश शुरू होने पर तापमान में फिर कमी आ सकती है।मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
