नई दिल्ली, (दलजीत विक्की)-:पंजाब की भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए रेलवे एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री सरदार रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार गेहूं खरीद के महत्वपूर्ण सीजन में पंजाब के किसानों की फसल खरीदने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने राज्य प्रशासन पर आपराधिक लापरवाही, भारी कुप्रबंधन तथा किसानों और खेत मजदूरों को जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया।
बिट्टू ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सुचारु खरीद व्यवस्था के लिए हर संभव इंतजाम किए, वहीं दूसरी ओर पंजाब सरकार ने अपनी अक्षमता और किसान विरोधी मानसिकता को उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए ₹30,973 करोड़ की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) स्वीकृत की है। खरीद और लॉजिस्टिक्स से जुड़े सभी प्रबंध पहले ही पूरे कर दिए गए थे। इसके बावजूद किसान मंडियों में रात बिताने को मजबूर हैं, उनकी उपज खुले में पड़ी है और मजदूर परेशान हैं, क्योंकि पंजाब सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है।”उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने आरएमएस 2026-27 के लिए 4.88 लाख बेल (1 बेल = 500 बैग) उपलब्ध कराए हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर जेम पोर्टल से अतिरिक्त खरीद की अनुमति भी दी गई है। किसानों को नुकसान से बचाने के लिए गुणवत्ता मानकों में भी ढील दी गई।उन्होंने सवाल किया, “जब बोरियां उपलब्ध हैं, भंडारण की जगह तैयार है, सीसीएल स्वीकृत है और खरीद नियमों में राहत दी गई है, तो फिर मंडियों में समय पर गेहूं खरीद क्यों नहीं हो रही?”
बिट्टू ने यह भी बताया कि एफसीआई और भारतीय रेल ने पहले से भंडारित अनाज को तेजी से हटाकर नई फसल के लिए जगह उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा, “मैंने पूरे अप्रैल महीने में प्रतिदिन इसकी निगरानी की। 26 अप्रैल तक पंजाब से कुल 275 रेक भेजी गईं, जिनमें 109 चावल और 166 गेहूं की रेक शामिल हैं। इसी अवधि में हरियाणा से केवल 131 रेक भेजी गईं। रेल विभाग पूरी तरह तैयार है और एफसीआई के कुछ घंटे पहले सूचना देने पर तुरंत अतिरिक्त रेक उपलब्ध कराई जा सकती हैं।”
आम आदमी पार्टी सरकार पर सीधा हमला करते हुए बिट्टू ने कहा कि पंजाब के किसानों ने बदलाव के लिए वोट दिया था, लेकिन उन्हें बदइंतजामी, अक्षमता और विश्वासघात मिला।उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार प्रचार में व्यस्त है, जबकि किसान भीषण गर्मी में मंडियों में परेशान हो रहे हैं। यह शासन नहीं, बल्कि पंजाब के मेहनतकश किसानों के साथ विश्वासघात है।उन्होंने कहा कि खरीद सीजन के दौरान लगातार बिजली कटौती ने संकट को और गंभीर बना दिया है, जिससे मंडियों का कामकाज प्रभावित हो रहा है और मजदूरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि इतिहास उस सरकार को कभी माफ नहीं करेगा, जो किसानों को उनके कठिन समय में बेसहारा छोड़ दे।उन्होंने कहा, “आप सरकार दूसरों पर दोष मढ़ना बंद करे और बताए कि केंद्र से पूरा सहयोग मिलने के बावजूद पंजाब के किसानों को क्यों परेशान किया जा रहा है।”
