नई दिल्ली | लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वंचित वर्गों के छात्रों की शिक्षा में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियों का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए और छात्रावासों की खराब हालत में जल्द सुधार किया जाए।
राहुल गांधी ने 10 जून को भेजे गए पत्र में लिखा है कि दलित, आदिवासी, ओबीसी, ईबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के लगभग 90 प्रतिशत छात्र शिक्षा की दौड़ में पहले से ही पिछड़ रहे हैं, और सरकार की लापरवाही उनकी परेशानियों को और बढ़ा रही है।
उन्होंने बिहार के दरभंगा स्थित एक आंबेडकर हॉस्टल का उदाहरण देते हुए लिखा कि वहां छात्रों को 6-7 लोगों के साथ छोटे कमरे में रहना पड़ता है। शौचालय गंदे हैं, पीने का पानी सुरक्षित नहीं है, और न ही मेस की सुविधा है। पढ़ाई के लिए जरूरी लाइब्रेरी या इंटरनेट की सुविधा भी मौजूद नहीं है।
राहुल गांधी ने यह भी बताया कि पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के वितरण में लगातार देरी हो रही है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में तीन साल तक स्कॉलरशिप पोर्टल काम नहीं कर रहा था, जिसके चलते 2021-22 में किसी भी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं मिली। वर्ष 2023 में 1.36 लाख दलित छात्रों को स्कॉलरशिप मिली थी, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर केवल 69 हजार रह गई। छात्रों का कहना है कि स्कॉलरशिप की राशि भी बेहद कम है।
उन्होंने सरकार से दो प्रमुख मांगें की हैं:
- सभी छात्रावासों का व्यापक ऑडिट कराकर बुनियादी सुविधाएं, स्वच्छता, भोजन और शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप को समय पर और बढ़ी हुई राशि के साथ वितरित किया जाए तथा इसके क्रियान्वयन में राज्य सरकारों के साथ समन्वय बढ़ाया जाए।
राहुल गांधी ने अंत में लिखा कि देश की तरक्की तभी संभव है जब हाशिए पर खड़े युवाओं को बराबरी का मौका मिले। उन्होंने प्रधानमंत्री से सकारात्मक कदम उठाने की उम्मीद जताई है।
