शिमला संजू-:हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है।अगले कई दिनों तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि मानसून की दस्तक के बाद से प्रदेश के विभिन्न जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है और लगभग प्रतिदिन कहीं न कहीं भारी वर्षा दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि 5 जुलाई को कांगड़ा,ऊना और आसपास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।उन्होंने बताया कि अगले 5 से 7 दिनों तक प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। इस दौरान मध्य पर्वतीय और उससे सटे मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
अगले दो दिनों में कांगड़ा,कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई के आसपास पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो सकती हैं।
भूस्खलन और मडस्लाइड की आशंका
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में मानसून अगले कई दिनों तक सक्रिय रहेगा।मध्य पर्वतीय जिलों कांगड़ा,कुल्लू, मंडी,शिमला और सिरमौर में 22 जुलाई तक मानसून काफी सक्रिय रहने की संभावना है। वहीं निचले और मैदानी क्षेत्रों में 16 जुलाई तक मानसून का प्रभाव अधिक रहेगा। इसके बाद 23 जुलाई से प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में कुछ कमी आने के संकेत हैं।शोभित कटियार ने कहा कि जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है,वहां भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) और मडस्लाइड (Mudslide) की आशंका काफी बढ़ जाती है। इसके अलावा नदियों, खड्डों और अन्य जल स्रोतों में जलस्तर और बहाव तेजी से बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान और उसके बाद कई स्थानों पर सड़कें बाधित हो सकती हैं।लगातार बारिश से विजिबिलिटी कम होने के कारण यात्रा भी जोखिम भरी हो सकती है।इसके अलावा बागवानी और कृषि फसलों को भी आंशिक नुकसान पहुंचने की संभावना बनी रहती है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक ने प्रदेशवासियों और हिमाचल आने वाले पर्यटकों से अपील की कि वे मौसम विभाग, राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर जारी एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें।भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें,नदी-नालों के किनारे न जाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें,ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मौसम से जुड़े सभी आवश्यक अपडेट एवं चेतावनियां समय-समय पर जारी करता रहेगा।
