शिमला,संजू -:हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखपुरा तीखा हमला बोला है.जयराम ठाकुर ने हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि पटियाला कमान को रिपोर्ट दे दी गई है कि मुख्यमंत्री या कामकाज का तरीका बदले या मुख्यमंत्री को बदल जाए.शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देवभूमि में कांग्रेस सरकार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष,पूर्व मंत्री और विधायकों के खिलाफ जबरन मामले बना रही हैं.उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों पर जबरन दबाव बनाया जा रहा है और विपक्ष के लोगों के फोन टैप के जा रहे हैं उनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है.जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार है भाजपा सत्ता में आने के बाद ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पर अटेम्प्ट टू मर्डर का मामला दर्ज किया गया,पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी के खिलाफ भी मामला बनाया गया और धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा पर एफआईआर दर्ज की गई।उन्होंने आरोप लगाया कि विजिलेंस की टीम सुधीर शर्मा के घर पहुंची लेकिन कुछ नहीं मिला,फिर भी अधिकारियों पर दबाव बनाकर मामला तैयार करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ घरेलू विवाद को आधार बनाकर मुकदमा चलाया गया,विधायक आशीष शर्मा,उनके परिजनों और उनके भाई के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।साथ ही पूर्व विधायक के.एल.ठाकुर सहित अन्य नेताओं पर भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं।उनका आरोप है कि भाजपा के अन्य बड़े नेताओं के खिलाफ भी मामले दर्ज करने की तैयारी चल रही है और अधिकारियों को किसी भी कीमत पर भाजपा नेताओं को नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में अधिकारियों के साथ बहुत नरमी बरती गई थी,लेकिन अब जो अधिकारी सीमाएं लांघ रहे हैं,उन्हें भविष्य में बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने कहा कि कई अधिकारी उनसे केंद्र में प्रतिनियुक्ति के लिए संपर्क कर रहे हैं।जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में मुख्य सचिव और डीजीपी अतिरिक्त प्रभार पर काम कर रहे हैं तथा नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए पैनल तक नहीं भेजा जा रहा। उन्होंने कहा कि पिछले मुख्य सचिव को भी केवल एक-दो दिन के लिए नियुक्त किया गया और कार्यकारी मुख्य सचिव से काम चलाया गया।उनका आरोप था कि पुलिस विभाग में अधिकारी ही एक-दूसरे की वर्दी उतरवाने में लगे हैं।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री इन दिनों भविष्यवक्ता की भूमिका निभा रहे हैं।उन्होंने कहा कि सोलन में मुख्यमंत्री ने पहली बार विधायक बने व्यक्ति के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी कर दी,जबकि भाजपा में कौन क्या बनेगा,यह तय करने का अधिकार मुख्यमंत्री को नहीं है।उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने संबंधी बयान पर भी पलटवार किया।जयराम ठाकुर ने दावा किया कि कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने पार्टी आलाकमान को रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें कहा गया है कि या तो मुख्यमंत्री अपने कामकाज का तरीका बदलें या मुख्यमंत्री को बदला जाए।
कानून-व्यवस्था को लेकर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिमला में गोलीकांड और बिलासपुर में पहली बार कुल्हाड़ी कांड जैसी घटनाएं हुईं,लेकिन सरकार का ध्यान इन मामलों पर नहीं है। उनका आरोप है कि सरकार का पूरा ध्यान विपक्ष को घेरने पर है।उन्होंने कहा कि बड़े अधिकारियों द्वारा देर रात विधायकों के फोन टैप किए जा रहे हैं और उनके पीएसओ के फोन जीपीएस के जरिए ट्रैक किए जा रहे हैं।साथ ही सरकार के खिलाफ लिखने वाले सोशल मीडिया पेज बंद कराने और विज्ञापन रोकने का भी आरोप लगाया।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार को लेकर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि उनके बेटे पर जानलेवा हमला किस वजह से हुआ और किस डील को लेकर यह हमला हुआ, इसकी जानकारी सामने आनी चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय “डील ऑफिस” बन गया है और आने वाले समय में पिछले पांच वर्षों के दौरान दी गई सभी सलाहों और फैसलों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र से पहले भाजपा विधायक दल की बैठक होगी और सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दे हैं।उनके अनुसार सरकार विजिलेंस और पुलिस का इस्तेमाल कर विपक्ष को दबाने का प्रयास कर रही है,जबकि मुख्यमंत्री अपनी ही पार्टी के नेताओं को निपटाने में उलझे हुए हैं।
