ऊना/राकेश-:हिमाचल प्रदेश के ऊना से लापरवाही का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।यहां उत्तर प्रदेश से हिमाचल के शक्तिपीठों के दर्शन के लिए आया एक परिवार अपने 8 साल के बच्चे को ढाबे पर ही भूल गया।हैरानी की बात यह है कि परिवार करीब 70 किलोमीटर का सफर तय कर माता नैना देवी मंदिर पहुंच गया,लेकिन तब तक किसी को बच्चे की याद तक नहीं आई।मामला ऊना जिला के अंब क्षेत्र के धुसाड़ा का है।जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के लखनऊ से श्रद्धालुओं का एक समूह हिमाचल के शक्तिपीठों के दर्शन के लिए आया था। रास्ते में परिवार ने धुसाड़ा स्थित एक ढाबे पर रुककर चाय-नाश्ता किया। इसके बाद सभी लोग टैम्पो ट्रैवलर में बैठकर आगे निकल गए, लेकिन उनका 8 साल का बच्चा ढाबे पर ही छूट गया।
कुछ देर बाद बच्चे के रोने की आवाज सुनकर ढाबा संचालक और वहां मौजूद बब्बू प्रधान ने उससे पूछताछ की।बच्चे ने बताया कि उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य उसे छोड़कर चले गए हैं।इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।अब सबसे बड़ी चुनौती थी कि बच्चे के परिवार तक कैसे पहुंचा जाए। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।अम्ब चौक के सीसीटीवी में टैम्पो ट्रैवलर की पहचान हुई। गाड़ी के नंबर के आधार पर उसके मालिक से संपर्क किया गया और फिर चालक तक पहुंच बनाई गई।पुलिस ने जब चालक से बात की तो परिवार को बताया गया कि उनका 8 वर्षीय बच्चा धुसाड़ा के ढाबे पर छूट गया है।यह सुनकर परिवार को अपनी गलती का एहसास हुआ और वे वापस पहुंचे।पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे को परिजनों के हवाले कर दिया।इस घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है कि आखिर कोई परिवार अपने छोटे बच्चे को साथ लेकर यात्रा करते हुए उसे इतनी दूर तक कैसे भूल सकता है।
