हर संकट में राहत-हर पीड़ा में साथ : जरूरतमंदों की उम्मीद और मानव सेवा की ताकत हरियाणा रेडक्रास

हर संकट में राहत-हर पीड़ा में साथ : जरूरतमंदों की उम्मीद और मानव सेवा की ताकत हरियाणा रेडक्रास
हरियाणा -:मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक, एकता और सार्वभौमिकता के सात सूत्रीय सिंद्धात पर हरियाण शाखा भारतीय रेडक्रास सोसायटी जनसेवा में अग्रणी पंक्ति में खड़ी है। हरियाणा शाखा जनसेवा में महज आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव सेवा में देशभर में मिसाल है। हरियाणा शाखा ने मानव सेवा के प्रति आमजन को जोड़ते हुए पांच हजार से ज्यादा रक्तदान शिविरों का आयोजन कर 3.50 लाख यूनिट रक्त एकत्रित करके देशभर में रेडक्रास को नई पहचान दिलाई है।
हरियाणा रेडक्रास सोसायटी समाज सेवा में नई उपलब्धियों को हासिल करने के साथ बुलंदियों को भी छू रही है। भारतीय रेडक्रास सोसायटी हरियाणा शाखा के अध्यक्ष तथा राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष के मार्गदर्शन में हरियाणा रेडक्रास मानवीय मूल्यों की मजबूती को लेकर प्रतिबद्ध है। हरियाणा रेडक्रास सोसायटी ने अपने कर्मठ स्वयंसेवकों के बूते जनसेवा, आपदा में राहत और मानवीय कार्यों में नए आयाम स्थापित किए हैं। यह आयाम वर्ष 2026 में विश्व रेडक्रास दिवस की थीम मानवता में एकता को चरितार्थ करते हैं।
विश्व रेडक्रॉस दिवस की थीम मानवता को जीवित रखने की थीम को सार्थक करने के लिए  सभी की सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है, क्योंकि मानव सेवा केवल एक विचार नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है। यदि हम अपने आसपास के लोगों के प्रति दयालु और सहयोगी बनें, तो यही छोटे-छोटे प्रयास दुनिया को बेहतर बना सकते हैं। हरियाणा रेडक्रास सोसायटी इसी ध्येय के साथ जनसेवा के कार्यों में जुटी हुई है।
यही नहीं, हरियाणा रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष एवं राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष भी मानव सेवा के प्रति प्रतिबद्ध हैं, उन्होंने जिला रेडक्रास शाखा में एबुलेंस सेवाओं का विस्तार करने के लिए राज्यपाल के विवेकाधीन कोष से 1.20 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया, इस अनुदान से 10 एंबुलेंस खरीदी गई, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है, साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए एंबुलेंस की पहुंच भी सुलभ हुई है। यही छोटे-छोटे प्रयास, जिनमें जरूरतमंदों की सहायता करना, आपदा के समय राहत कार्यों में सहयोग देना और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना मानवता को जीवित रखने के महत्वपूर्ण कदम हैं।“मानवता को जीवित रखना” का अर्थ केवल जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता देना नहीं है। इसका वास्तविक अर्थ है दूसरों के दुख को समझना, पीड़ितों के प्रति संवेदनशील होना और संकट के समय उनके साथ खड़े रहना। जब कोई व्यक्ति घायल होता है, भूखा होता है या अपने प्रियजनों को खो देता है, तब उसे सबसे पहले इंसानी सहारे की आवश्यकता होती है। एक सांत्वना भरा शब्द, एक मदद का हाथ और एक मानवीय व्यवहार उसके जीवन में आशा जगा सकता है। इसी उद्देश्य से हरियाणा रेडक्रास सोसायटी द्वारा मानवीय कार्यों के साथ युवाओं को जोड़ने के लिए आपदा मित्र तैयार करने की योजना तैयार की गई, जिसका मकसद रेडक्रास आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए लोगों को आपदा के समय तुरंत मदद पहुंचाना है।
रक्तदान शिविरों का आयोजन, आपदा राहत, प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और गरीबों की सहायता जैसे अनेक कार्यों के माध्यम से यह संस्था समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूत कर रही है। यही नहीं, हरियाणा रेडक्रास नशा मुक्ति, टीबी उन्मूलन सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूक, वृद्धजनों की सहायता के लिए ओल्ड एज होम और दिव्यांगों को कृत्रिम अंगों तथा उपकरण वितरित करके समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह दिखाता है कि आज भी समाज में इंसानियत जिंदा है और लोग दूसरों की मदद के लिए आगे आने को तैयार हैं।
रेडक्रास सोसायटी के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट के जन्मदिन पर 8 मई को अंतरराष्ट्रीय रेडक्रास दिवस मनाया जाता है। हेनरी ड्यूमेंट के प्रयासों से 1864 में जेनेवा समझौते के जरिये अंतरराष्ट्रीय रेडक्रास मूवमेंट की स्थापना हुई थी। हेनरी ड्यूमेंट को पहला नोबेल शांति पुरस्कार भी प्रदान किया गया। मानवता की सेवा करने वाले लोगों के लिए रेडक्रास नाम की एक सोसायटी बनाई, इस समय दुनिया के 186 देशों में रेडक्रास सोसायटी काम कर रही है। रेडक्रास के पूरा नाम ‘इंटरनैशनल कमिटी ऑफ द रेडक्रास’ (आईसीआरसी) है। इसका मुख्यालय जिनोवा स्विटजरलैंड में है। सफेद पट्टी पर लाल रंग का क्रॉस का चिन्ह इस संस्था का निशान है। जहां तक भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी का सवाल है, इसकी स्थापना 1920 में भारतीय रेडक्रास सोसायटी अधिनियम के तहत की गई थी और उसके नौ साल बाद इसकी गतिविधियों को ध्यान में रखकर अंतरराष्ट्रीय रेडक्रास आंदोलन ने इसे अपनी मान्यता दी। भारतीय रेडक्रास सोसायटी की 750 से अधिक शाखाएं पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर सुचारु रूप से कार्य कर रही हैं।
आज तकनीक और आधुनिकता के इस दौर में जहां लोग तेजी से एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं, वहां मानवता की भावना को बनाए रखना और भी जरूरी हो गया है। सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया ने संवाद तो बढ़ाया है, लेकिन कई बार संवेदनशीलता को कम भी किया है। ऐसे समय में रेड क्रॉस दिवस हमें यह याद दिलाता है कि मशीनें और तकनीक इंसानी करुणा का स्थान नहीं ले सकतीं। दुनिया को आगे बढ़ाने के लिए विज्ञान जितना आवश्यक है, उतनी ही मानवता भी जरूरी है।
हरियाणा रेडक्रास सोसायटी की नई पहल
जिला रेडक्रास शाखा में एंबुलेंस सेवा की शुरुआत
जिला शाखाओं पर आधार केंद्र सुविधा की सौगात
जिला शाखाओं पर पैथोलाजिक लैब स्थापित करने की योजना
जिला शाखाओं पर स्थापित होंगे जन औधषित केंद्र
राशन डिपो पर दिव्यांगजनों की अलग से लाइन और प्राथमिकता के आधार पर राशन वितरण
युवा पीढ़ी को राष्ट्र सेवा के साथ जोड़ने के लिए जेआरसी और वाईआरसी गतिविधियों का आयोजन
आपदा प्रबंधन में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आपदा मित्र
रेडक्रॉस के 7 आधारभूत सिद्धांत
मानवता : पीड़ा को कम करना और जीवन की रक्षा करना।
निष्पक्षता : जाति, धर्म या राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव न करना।
तटस्थता : विवादों में किसी भी पक्ष का साथ न देना।
स्वतंत्रता : सरकारों से स्वतंत्र रहकर मानवीय नियमों का पालन करना।
स्वैच्छिक सेवा : बिना किसी लाभ के सेवा करना।
एकता : एक देश में केवल एक ही रेडक्रॉस सोसाइटी हो सकती है।
सार्वभौमिकता : यह एक वैश्विक आंदोलन है जहाँ सभी देशों की संस्थाएं समान हैं।

Ekta TSN

rahulkash03@gmail.com http://www.thesummernews.in

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