राहुल चावला ,धर्मशाला ( TSN)-हिमाचल प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र के चौथे और आखिरी दिन संस्थान बंद करने को लेकर सदन गर्मा गया. प्रदेश में संस्थान बंद करने को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चला गया. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन के भीतर मुख्यमंत्री के जवाब को गैर जिम्मेदार ने बताया. साथ ही उन्होंने सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से पूर्व सरकार के दौरान खोले गए संस्थाओं को बंद करने का भी आरोप लगाया है.
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायक का रणधीर शर्मा के प्रश्न पर वर्तमान सरकार में बंद और नए खोले गए संस्थाओं की जानकारी मांगी गई थी. सरकार की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि प्रदेश में 1865 संस्थान वर्तमान सरकार ने बंद कर दिए. जयराम ठाकुर ने कहा विपक्ष ने सरकार से पूछा कि किस आधार पर संस्थान बंद कर दिए गए हैं. इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने जरूरत के आधार पर संस्थान खोलने का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1094 प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए गए. मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया कि इन स्कूलों में छात्र नहीं थे. जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसा होना संभव नहीं है और मुख्यमंत्री का यह बयान गैर-जिम्मेदाराना है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इनमें से ज्यादातर स्कूल और संस्थान जनजातीय और पिछड़े इलाकों में थे जिन्हें वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया.
मुख्यमंत्री ने संस्थान बंद करने का नया कीर्तिमान किया स्थापित
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री ने संस्थान बंद करने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है. जयराम ठाकुर ने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि विशुद्ध रूप से राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से संस्थान बंद कर दिए गए. पूर्व भाजपा सरकार के आखिरी वित्त वर्ष में खोले गए संस्थानों को बंद कर दिया गया. नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जीवन भर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विपरीत चलते रहे और अब भी मुख्यमंत्री उनके कार्य प्रणाली के बिल्कुल विरुद्ध जाकर काम कर रहे हैं. जयराम ठाकुर ने कहा कि बदले की भावना से जो संस्थान बंद किए गए हैं विपक्ष उनको लेकर आखिरी वक्त तक लड़ाई लड़ता रहेगा.
