कैथल (एकता): अगर कुछ करने का जज्बा हो तो सौ बाधाएं भी बौनी साबित हो जाती हैं। ऐसा ही कुछ कैथल के दिव्यांग क्रिकेटर सीता राम ने कर दिखाया। बता दें कि वह अपने दोनों पैरों से दिव्यांग है। सूत्रों के मुताबिक कसाना गांव निवासी सीता राम ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं में कई बार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पहले भी उन्होंने अपनी टीम को जीत दर्ज करवाने में अहम भूमिका निभाई। खास बात यह है कि वह अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 80 के करीब मैच खेल चुके हैं। जो कि काफी कमाल की बात है। उसके पिता ने उन्हें पढ़ाने-लिखाने में काफी मेहनत की। वह खेती कर गुजारा करते थे।
बचपन से ही था क्रिकेट खेलने का शौक
दिव्यांग क्रिकेटर सीता राम ने बताया कि वे आम परिवार से संबंध रखते हैं। उन्होंने बताया कि वह अब तक 1200 रन, 100 स्टंप आउट व 150 कैच विकेट कीपिंग करते हुए ले चुके हैं। हालांकि बचपन से ही उन्हें क्रिकेट खेलने की काफी रुचि रही है। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बीए की डिग्री ली। कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने जिला स्तर पर खेलना शुरू किया था। इसके बाद उनका टीम में चयन हुआ। वह क्रिकेट के साथ-साथ डिस्कस-थ्रो में भी काफी कमाल दिखा चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि वह इस समय यानि 4 साल से ही राजस्थान में दिव्यांग व्हील चेयर क्रिकेट टीम में खेल रहे हैं। क्योंकि हरियाणा में दिव्यांग व्हील चेयर क्रिकेट की टीम नहीं है। इसलिए वे राजस्थान की तरफ से क्रिकेट खेल रहे हैं।
ये भी हैं उपलब्धियां
बताया जा रहा है कि सीताराम राज्य स्तर पर कई पदक जीत चुके हैं। साल 2017 में रोहतक में हुई राज्य स्तरीय डिस्कस थ्रो में उन्होंने रजत पदक जीता था। 2021 में राजस्थान में हुई राष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट स्पर्धा में राजस्थान की टीम में खेलते हुए पहला स्थान पाया। साल 2022 में तेलंगाना में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
