करनाल-:करनाल पहुंचे इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री चौधरी संपत सिंह ने भाजपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने किसान, जवान और खिलाड़ियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने SYL और यमुना जल के मुद्दे के साथ-साथ फसल बीमा योजना, खाद-बीज, बिजली व्यवस्था और धान खरीद को लेकर भी सरकार को घेरा। वहीं 2019 के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। संपत सिंह ने दावा किया कि आने वाले समय में इनेलो अपनी राजनीतिक गतिविधियों को और तेज करेगी।
करनाल पहुंचे चौधरी संपत सिंह ने कहा कि देश का किसान, जवान और खिलाड़ी परेशान है।उन्होंने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं,जबकि किसानों को खाद-बीज से लेकर फसल बेचने तक कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।खेलों में हरियाणा के योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश ने देश को बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं।उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी अभय सिंह चौटाला के कार्यकाल का जिक्र करते हुए खेल आयोजनों और राष्ट्रीय चैंपियनशिप का भी हवाला दिया।किसानों के मुद्दे पर संपत सिंह ने खाद और बीज की उपलब्धता तथा कीमतों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी जरूरत की चीजों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बिजली व्यवस्था और सरकारी विभागों के निजीकरण को लेकर भी चिंता जताई।उनका कहना था कि सरकारी सुविधाओं का निजीकरण आम लोगों और किसानों के हितों को प्रभावित कर सकता है।
पानी के मुद्दे पर संपत सिंह ने SYL और यमुना जल का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र और हरियाणा में भाजपा की सरकार होने के बावजूद हरियाणा को उसके हिस्से का पानी दिलाने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए सरकार से इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
फसल बीमा योजना को लेकर भी संपत सिंह ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में करीब 2827 करोड़ रुपये की प्रीमियम राशि जमा हुई, जबकि उनके अनुसार बीमा कंपनियों को करीब 2096 करोड़ 86 लाख रुपये मिले और किसानों को करीब 730 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। इन आंकड़ों के आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि फसल बीमा योजना का वास्तविक लाभ किसानों को कितना मिल रहा है। ये आंकड़े उनके द्वारा बताए गए हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी इनेलो नेता ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का उदाहरण देते हुए दावा किया कि अलग-अलग वर्षों में बड़ी संख्या में पद निकाले गए, लेकिन नियुक्तियां अपेक्षाकृत कम हुईं। उन्होंने पेपर लीक जैसी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे युवाओं को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
2019 के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर संपत सिंह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय इनेलो में विभाजन हुआ और एक धड़ा भाजपा के साथ चला गया। उन्होंने दावा किया कि इसका असर युवाओं और पार्टी के राजनीतिक आधार पर पड़ा। वहीं हरियाणा में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने टिकट वितरण और निर्दलीय उम्मीदवारों से जुड़े फैसलों को कांग्रेस के लिए नुकसानदायक बताया।
वोट चोरी के आरोपों से जुड़े राजनीतिक विवाद पर भी संपत सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज और उसकी भावना को महत्व मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के मुद्दों और उसकी समस्याओं को भी सुनना चाहिए।
धान खरीद में देरी को लेकर भी इनेलो नेता ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए परेशान है और खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए खरीद प्रक्रिया पहले शुरू की जानी चाहिए थी। उन्होंने आशंका जताई कि बारिश से किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। साथ ही उन्होंने नकदी फसलों की खरीद और बाजार व्यवस्था को लेकर सरकार से बेहतर इंतजाम करने की मांग की।
इनेलो के पंचायत चुनाव में उतरने को लेकर पूछे गए सवाल पर संपत सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व आने वाले समय में इस पर फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि चुनावी रणनीति और किन चुनावों में पार्टी को मैदान में उतरना है, इसका निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा।
