Mohali, 20 January-:शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान के लिए सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के प्रबंध निदेशक अर्श धालीवाल को प्रतिष्ठित सरकार-ए-खालसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनके दूरदर्शी नेतृत्व और शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाने के प्रयासों की सराहना के रूप में प्रदान किया गया।
अर्श धालीवाल के नेतृत्व में सीजीसी यूनिवर्सिटी ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित की है। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ तकनीक आधारित और मूल्यपरक शिक्षा को अपने मूल दर्शन का हिस्सा बनाया है। आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को वैश्विक स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।उन्होंने शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए अनुभवात्मक शिक्षण, उद्योग से जुड़े पाठ्यक्रम, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली पहलों पर विशेष ध्यान दिया। उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग को मजबूत किया है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
धालीवाल के नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण विशेषता उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों का समावेशन है। सीजीसी यूनिवर्सिटी में एआई, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और ऑटोमेशन जैसे विषयों को अकादमिक ढांचे में प्रमुखता से शामिल किया गया है। साथ ही, नैतिक एआई और जिम्मेदार तकनीकी विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि तकनीक समाज के व्यापक हित में कार्य करे।उनके प्रयासों से विश्वविद्यालय न केवल शैक्षणिक रूप से सशक्त हुआ है, बल्कि क्षेत्रीय विकास, युवा सशक्तिकरण और नवाचार आधारित इकोसिस्टम को भी नई गति मिली है। सरकार-ए-खालसा पुरस्कार अर्श धालीवाल के उस योगदान की मान्यता है, जो शिक्षा को परंपरा और आधुनिकता के संतुलन के साथ राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
