शिमला-:स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने घोषणा की है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में विश्वविद्यालय परिसर में क्रमिक भूख हड़ताल और मास स्टूडेंट रैली का आयोजन किया जाएगा। संगठन ने विश्वविद्यालय के छात्र समुदाय से इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा देशभर के संघर्षरत छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ एकजुटता व्यक्त करने की अपील की है।
एसएफआई का कहना है कि देशभर में लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों, पेपर लीक की घटनाओं, शिक्षा के बढ़ते निजीकरण तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ती अनियमितताओं ने विद्यार्थियों के भविष्य को गंभीर संकट में डाल दिया है। संगठन का मानना है कि जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन केवल परीक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है,बल्कि शिक्षा में पारदर्शिता, समान अवसर और जवाबदेही की व्यापक मांग का प्रतीक है।एसएफआई ने अपनी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफे की मांग, राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों की सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र जांच, तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई है। इसके साथ ही संगठन ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्तियों में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा इंगित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच तथा हाल ही में की गई फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग भी उठाई है।एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के सचिव मुकेश कुमार और उपाध्यक्ष आशीष चौहान ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सार्वजनिक संस्थानों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी छात्रों से 20 जुलाई के कार्यक्रम में शामिल होकर शिक्षा और छात्र अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
