हमीरपुर : अरविन्द सिंह ( TSN)- पांडव काल से समय से जुडे ऐतिहासिक गसोता महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। गसोता महादेव मंदिर परिसर को सजाने के लिए टनों के हिसाब से मंगवाए गए स्पेशल फूलों से सजावट की गई थी। महाशिवरात्रि पर्व पर हर साल ही मंदिर परिसर में पूरे हिमाचल सहित पड़ोसी राज्यों से श्रद्वालु आते है । इस अवसर पर आम जनता ने लाइनों में लगकर पूजा अर्चना की और सुख शांति की कामना की ।
बता दे कि पांडव काल से स्वयं भू शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही भक्तों के दुख कष्ट दूर होते है। मान्यता है कि गसोता महादेव मंदिर में स्वयं भू शिवलिंग में पूजा अर्चना करने के साथ एक लोटा जलाभिषेक करने से मन की मुराद पूरी होती है। कहा जाता है कि पांडव काल में गसोता महादेव मंदिर में पांडवों में कुछ समय बिताया था। मंदिर के महंत राघवा नंद गिरि महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर हिमाचल, पंजाब व हरियाणा सहित अन्य राज्यों से भक्त पहुंचते है। उन्होंने बताया कि मंदिर में एक लोटा जल चढाने से हर कष्ट से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि हजारों वर्ष पुराने मंदिर के प्रति लोगों की अपार आस्था है। उन्होंने बताया कि मंदिर में सुबह से ही भक्तों ने लाइन लगाकर पूजा अर्चना की ।
गसोता महादेव मंदिर में पांडवों ने बिताया था कुछ समय
मंदिर के ऐतिहासिक पुराण की गाथा बताते हुए स्थानीय निवासी ने बताया कि पांडव काल से स्वयं भू शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही भक्तों के दुख कष्ट दूर होते है। मान्यता है कि गसोता महादेव मंदिर में स्वयं भू शिवलिंग में पूजा अर्चना करने के साथ एक लोटा जलाभिषेक करने से मन की मुराद पूरी होती है. कहा जाता है कि पांडव काल में गसोता महादेव मंदिर में पांडवों में कुछ समय बिताया था। एक बार एक किसान गसोता गांव में अपने खेत में हल जोत रहा था। उस दौरान हल किसी वस्तु से टकराया तो वहां जलधारा निकली। बाद में दोबारा हल टकराया तो दूध निकला। तीसरी बार जब हल टकराया तो खून निकला और किसान की आंखों की रोशनी चली गई। बाद में किसान को इस संदर्भ में आए सपने के अनुसार वहां स्वयंभू ज्योतिर्लिंग निकला जिसे किसान को स्थापित करने के लिए कहा गया। ग्रामीणों के सहयोग से किसान ने गसोता में भगवान शिव के आदेशानुसार इस ज्योतिर्लिंग को स्थापित किया और अपने लिए अभयदान की मांगा !
इस अवसर पर गसोता मंदिर समिति के प्रधान दूनी चंद ने बताया कि सुबह से ही लाइनों में लगकर पूजा कर रहे हैं उन्होंने बताया कि मंदिर समिति की ओर से भक्तों के लिए फलाहार चाय सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं और देर शाम के बाद जागरण का आयोजन किया जाएगा
