शिमला-:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने तथा उनकी उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार के इन प्रयासों से हिमाचल प्रदेश के कृषि एवं बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के नए अवसर मिल रहे हैं।इसी कड़ी में कुल्लू जिला में उत्पादित सिंदूरी किस्म के 1.3 मीट्रिक टन अनार संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर को निर्यात किए गए हैं। इस पहल से प्रदेश के बागवानों को अपनी उपज के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा),चंडीगढ़ के क्षेत्रीय कार्यालय ने अनार के निर्यात में सहयोग प्रदान किया। इन अनारों को कुल्लू के किसानों तथा भुंतर स्थित किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से एकत्रित किया गया। इस एफपीओ से लगभग 600 किसान जुड़े हुए हैं। निर्यात के लिए अनार की आपूर्ति करने वाले किसानों में रीना देवी, संजय कुमार, नितिश कुमार और वीर सिंह गुलेरिया शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उनकी पहुंच आसान बनाने के साथ-साथ कृषि और बागवानी उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को विपणन संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है।उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जून माह में शिमला जिला के जड़ोल-टिक्कर और बागी क्षेत्रों के छह प्रगतिशील किसानों द्वारा उत्पादित 400 किलोग्राम चेरी और 400 किलोग्राम प्लम की पहली खेप भी ओमान निर्यात की गई थी।
मुख्यमंत्री ने किसानों और बागवानों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले फल एवं अन्य कृषि उत्पाद तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, बेहतर विपणन और निर्यात को बढ़ावा देकर हिमाचल प्रदेश के कृषि एवं बागवानी उत्पादों को वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई जा सकती है।
