धर्मशाला, 14 मार्च -:कांगड़ा प्रवास के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विजिलेंस और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सूचना का अधिकार अधिनियम , 2005 के दायरे से बाहर करने का निर्णय लोकतांत्रिक व्यवस्था और पारदर्शिता की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सरकारों को संविधान और कानून के अनुसार चलना चाहिए, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार इन सिद्धांतों की अनदेखी कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सूचना के अधिकार कानून की धारा 24 के अनुसार केवल वही संस्थाएं इस कानून से बाहर हो सकती हैं जो खुफिया या सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील गतिविधियों से संबंधित हों। उन्होंने कहा कि विजिलेंस और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का मुख्य कार्य ही भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करना है, इसलिए इसे इस कानून के दायरे से बाहर करना उचित नहीं है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इतना महत्वपूर्ण निर्णय बिना विधानसभा में चर्चा और विधायी प्रक्रिया पूरी किए नहीं लिया जाना चाहिए। उनके अनुसार किसी भी एजेंसी को आरटीआई से बाहर करने के लिए विधिवत प्रस्ताव पारित कर अधिसूचना जारी करना आवश्यक होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय से सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि विजिलेंस में ऐसी कौन-सी जांच चल रही है जिसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। उनका कहना था कि जांच का उद्देश्य भ्रष्टाचार को उजागर करना और दोषियों को दंड दिलाना होता है, इसलिए इसे गोपनीय बनाने का औचित्य समझ से परे है।
इस दौरान जयराम ठाकुर ने वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदाओं के बाद केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को दी गई अतिरिक्त सहायता राशि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ₹288.39 करोड़ की यह सहायता प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास और राहत कार्यों में सहायक सिद्ध होगी तथा राज्य सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि यह राशि केवल आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए ही उपयोग में लाई जाए।इसके अतिरिक्त धर्मशाला पहुंचे उपराष्ट्रपति सी. पी . राधाकृष्णन का स्वागत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि उनका हिमाचल प्रदेश दौरा प्रदेश के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भी भाग लिया और कहा कि उपराष्ट्रपति का मार्गदर्शन वहां अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक रहेगा।
