कांगड़ा, 20 अगस्त – प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा मुख्यालय धर्मशाला स्थित लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त सुधार गृह धर्मशाला के बंदियों में अधिकतर नशे के मामलों में संलिप्तता के चलते जेल पहुंचे हैं। जिला एवं मुक्त सुधार गृह में वर्तमान में 400 के करीब बंदी हैं, जिनमें से एनडीपीएस एक्ट के तहत 22 सजा भुगत रहे हैं, जबकि 103 एनडीपीएस एक्ट के तहत अंडर ट्रायल हैं, इनमें से अधिकतर चिटटा और चरस के मामलों में पकड़े गए हैं।
गौरतलब है कि जिला में लगातार बढ़ रहे नशा तस्करी के मामलों में जिला पुलिस की ओर से कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जेल प्रशासन की ओर से उपलब्ध करवाए गए यह आंकड़े 13 अगस्त तक के हैं। लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त सुधार गृह धर्मशाला के 400 के करीब बंदियों में अंडर ट्रायल 239 हैं, जबकि शेष को सजा हो चुकी है। एनडीपीएस के अलावा पोक्सो व हत्या के मामलों से संबंधित बंदी हैं।
157 बंदी काट रहे सजा
केस वाइज बात करें तो जिला कारागार धर्मशाला में 157 बंदी ऐसे हैं, जिन्हें सजा हो चुकी हैं, जिनमें 22 बंदी एनडीपीएस एक्ट, 46 पोक्सो मामलों में सजा काट रहे हैं। 70 बंदियों को उम्रकैद की सजा हुई है। अंडर ट्रायल में 103 बंदी एनडीपीएस एक्ट के हैं, इसके अलावा अन्य अपराधों में शामिल बंदी भी शामिल हैं।
लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त सुधार गृह धर्मशाला में 400 के करीब बंदी हैं, एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़े गए पुरुष बंदियों की संख्या अधिक है। महिला बंदियों में भी 50 फीसदी एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़ी गई हैं।
